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प्रदेश के जालौन जिले की उरई कोतवाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की उरई कोतवाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल सीसीटीवी फुटेज में कोतवाली के कंट्रोल रूम में तैनात एक मुंशी और प्रशिक्षणरत महिला आरक्षी ड्यूटी के दौरान कथित रूप से अनुशासनहीन व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम में मुंशी अरविंद पटेल अपनी नियमित ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंची एक महिला आरक्षी के साथ उनकी बातचीत और व्यवहार कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। बाद में यह फुटेज किसी तरह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। वायरल वीडियो में दोनों पुलिसकर्मियों का आचरण विभागीय अनुशासन के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हुआ, लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कंट्रोल रूम जैसे संवेदनशील स्थान में ड्यूटी के दौरान इस प्रकार की गतिविधियों को लेकर आलोचना तेज हो गई। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। सूत्रों के अनुसार, वायरल फुटेज की सत्यता की प्रारंभिक जांच के बाद विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
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जालौन के पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मुंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही महिला आरक्षी की भूमिका की भी विभागीय जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अमर्यादित गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
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इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में आचरण और कार्यस्थल अनुशासन को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा पैदा कर दी है। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि मामले में किस स्तर तक नियमों का उल्लंघन हुआ और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि पुलिस की छवि और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त रुख अपनाया जाएगा।
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