चंदौली के रामगढ़वा बरऊर गांव में 25 साल से सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीण आखिर क्यों नाराज हैं? करीब 500 मीटर संपर्क मार्ग स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने का आरोप है। बारिश में जलभराव और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सदर ब्लॉक के रामगढ़वा बरऊर गांव के लोगों का आरोप है कि वे पिछले 25 वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। करीब 500 मीटर लंबे संपर्क मार्ग को स्वीकृति मिलने की बात कही जा रही है, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे और आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
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ग्रामीणों के मुताबिक, गांव का संपर्क मार्ग कच्चा होने के कारण बारिश के मौसम में यहां जलभराव और कीचड़ की समस्या पैदा हो जाती है। रास्ते की हालत खराब होने से लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ता है। कीचड़ से भरे रास्ते से गुजरकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है, वहीं किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से समस्या बने रहने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। UP News:
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 500 मीटर लंबे संपर्क मार्ग को स्वीकृति मिलने के बावजूद सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। इसी वजह से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। ग्रामीणों के अनुसार, वे कई बार इस समस्या को जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के सामने उठा चुके हैं। ग्रामीणों ने सांसद छोटे लाल खरवार और विधायक कैलाश आचार्य से भी सड़क बनवाने की मांग करने की बात कही है। इसके अलावा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। हालांकि, संपर्क मार्ग की स्वीकृति, निर्माण कार्य में देरी और शिकायतों पर हुई कार्रवाई के संबंध में संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
लंबे समय से सड़क नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि सड़क नहीं बनने पर वे आगामी चुनाव में वोट नहीं देंगे और गांव में आने वाले नेताओं का विरोध करेंगे।
ग्रामीणों की इस चेतावनी से साफ है कि सड़क का मुद्दा अब केवल आवागमन की परेशानी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी का विषय बन चुका है।
ग्रामीण अंकित यादव के मुताबिक, गांव के लोग करीब 25 वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। कच्चे रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों को स्कूल जाने तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि संपर्क मार्ग स्वीकृत होने की बात कही गई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। अंकित यादव के अनुसार, ग्रामीणों ने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। ग्रामीण यशवंत यादव का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खराब रास्ते के कारण गांव के लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। यशवंत यादव ने चेतावनी दी कि यदि सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो ग्रामीण आगामी चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। उनका कहना है कि अब गांव के लोग इस समस्या को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। UP News:
रामगढ़वा बरऊर गांव में सड़क निर्माण की मांग ने स्थानीय प्रशासन के सामने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का दावा है कि वे वर्षों से समस्या के समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों के 15 दिन के अल्टीमेटम पर क्या कदम उठाते हैं और करीब 500 मीटर लंबे संपर्क मार्ग का निर्माण कब शुरू होता है। फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी मांग पूरी होने तक विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। UP News:
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