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उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता ब्रजभूषण शरण सिंह को बड़ा झटका लगा है। भारत की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में भारत की पहलवान बेटी विनेश फोगाट जीत गई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दबंग तथा बाहुबली के नाम से चर्चित ब्रजभूषण शरण सिंह को विनेश फोगाट ने अदालत तक घसीटा था।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता ब्रजभूषण शरण सिंह को बड़ा झटका लगा है। भारत की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में भारत की पहलवान बेटी विनेश फोगाट जीत गई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दबंग तथा बाहुबली के नाम से चर्चित ब्रजभूषण शरण सिंह को विनेश फोगाट ने अदालत तक घसीटा था। उत्तर प्रदेश का यह बाहुबली नेता नहीं चाहता था कि विनेश फोगाट को कभी भी कुश्ती के मैट पर लौटनेन का मौका मिले। विनेश को कुश्ती लडऩे से रोकने के लिए ब्रजभूषण हर प्रकार के हथकंडे अपना रहा था। UP News
शुक्रवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए भारत की पहलवान बेटी विनेश फोगाट की कुश्ती के मैट पर वापसी को हरी झंडी दिखा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को 2026 एशियन गेम्स के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। कुश्ती के यह चयन ट्रायल्स 30 और 31 मई 2026 को आयोजित होने हैं। भारत के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर किया था। हाईकोर्ट ने पहले ही विनेश फोगाट को ट्रायल्स में भाग लेने की इजाजत दी थी। UP News
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि विनेश फोगाट का मामला सामान्य खिलाडिय़ों से अलग है, क्योंकि उन्होंने देश को कई मौकों पर गौरवान्वित किया है। कोर्ट ने कहा, 'अगर कोई और खिलाड़ी होता तो मामला अलग होता। उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। हालांकि, कोर्ट ने खेल मामलों में बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता भी जताई। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, 'आप शानदार रेसलर हैं, आपने देश को गर्व महसूस कराया है, लेकिन देश पहले है। हाईकोर्ट पूरे शेड्यूल को बाधित नहीं कर सकता।' सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के तरीके पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि खेल प्रशासन में इस तरह तेजी से हस्तक्षेप करने से पूरे स्पोर्ट्स सिस्टम और शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। UP News
दरअसल, पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि मातृत्व को किसी खिलाड़ी के करियर में 'अक्षम्यता' या बाहर करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ङ्खस्नढ्ढ को निर्देश दिया था कि विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने दिया जाए। अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल विनेश को राहत देते हुए ट्रायल्स में खेलने की मंजूरी दे दी है, लेकिन साथ ही ङ्खस्नढ्ढ की याचिका पर उनका जवाब भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बाहुबली ब्रजभूषण शरण सिंह का भारती कुश्ती महासंघ (WFI) में बड़ा दबदबा रहा है। आरोप तो यहां तक है कि WFI को ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपनी निजी जागीर बना लिया था। इसी कारण विनेश फोगाट ने ब्रजभूषण शरण सिंह के विरूद्ध सडक़ से लेकर अदालत तक लम्बी लड़ाई लड़ी है। विनेश फोगाट के द्वारा ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली में किए गए आंदोलन को भारत का प्रत्येक पहलवान हमेशा याद रखेगा। भारत के ज्यादातर पहलवानों का समर्थन विनेश फोगाट के साथ रहा है। इसी कारण ब्रजभूषण शरण सिंह विनेश फोगाट को दोबारा कुश्ती के मैट तक नहीं पहुंचने देना चाहता था। UP News
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