महेवा के नौधना गांव निवासी 54 वर्षीय किसान ज्ञान सिंह पाल की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच की मांग की है।

UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के महेवा विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौधना में वायरल बुखार से बीमार चल रहे 54 वर्षीय किसान की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार सुबह किसान का शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। मृतक की पहचान ज्ञान सिंह पाल पुत्र सिपाही लाल पाल के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से वायरल बुखार से बीमार थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। नौधना गांव निवासी ज्ञान सिंह पाल खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें वायरल बुखार की शिकायत बताई गई थी। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें दिल्ली लेकर गए और अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उनकी मौत हो गई। ज्ञान सिंह पाल की उम्र 54 वर्ष बताई गई है। उनकी मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार सुबह उपचार के बाद ज्ञान सिंह पाल का शव गांव पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन अंतिम दर्शन के दौरान बिलखते नजर आए।
किसान की मौत की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और दिवंगत किसान को श्रद्धांजलि दी। इलाके में वायरल बुखार की चर्चा के बीच ग्रामीणों में भी बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई है। ज्ञान सिंह पाल की मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लिए अचानक आई इस खबर से गांव में भी शोक का माहौल है। शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। ज्ञान सिंह पाल अपने पीछे पत्नी विमला देवी, बेटी वीनस पाल और दो पुत्र जयंत व मयंक को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह घटना बड़ा दुख लेकर आई है। मृतक के बेटे जयंत का चयन अग्निवीर के रूप में हुआ है और वह प्रशिक्षण के लिए गया हुआ है। पिता की मौत की खबर से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ज्ञान सिंह पाल खेती-किसानी से जुड़े हुए थे और इसी के जरिए परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ भविष्य की चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। मृतक का पुत्र जयंत अग्निवीर के लिए चयनित होकर प्रशिक्षण के लिए गया हुआ है। पिता के निधन की खबर परिवार के लिए बेहद दुखद रही। UP News
किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में वायरल बुखार को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य जांच कराई जानी चाहिए, ताकि बीमारी के मामलों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच कराने और आवश्यक बचाव एवं जागरूकता के कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी के लक्षण वाले लोगों की समय पर जांच और उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही गांव में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की मांग भी की गई है ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से यह पता लगाने की मांग की है कि गांव में वायरल बुखार के मामले क्यों सामने आ रहे हैं और संक्रमण की स्थिति क्या है। UP News
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