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UP News : विपक्षी दलों ने इसे सपा के चरित्र पर सवालिया निशान लगाते हुए हमला बोला है।

UP News: उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारियों में जोर-शोर से जुटी समाजवादी पार्टी की हरदोई जिले इकाई में एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है। पार्टी ने हरदोई जिला अध्यक्ष समेत पूरी जिला टीम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
मामला शुरू हुआ शराफत अली के एक कथित वायरल वीडियो-ऑडियो से। इसमें उन पर अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी और अन्य महिला नेताओं के बारे में कथित अभद्र टिप्पणियां करने का आरोप लगा। साथ ही फौज में भर्ती हो रही बेटियों पर भी विवादित बयान सामने आने का दावा किया गया।
पूर्व सांसद ऊषा वर्मा इस मामले में भावुक हो गईं। मीडिया के सामने उन्होंने कहा कि उनका परिवार दशकों से समाजवादी आंदोलन से जुड़ा रहा है, लेकिन महिलाओं और देश की रक्षा करने वाली बेटियों पर ऐसी भाषा बेहद दुखद और अस्वीकार्य है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक शिकायत पहुंचाने की बात कही। पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने भी इसे महिलाओं की गरिमा पर हमला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
शराफत अली ने क्या कहा
जिलाध्यक्ष शराफत अली ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वीडियो काट-छांट कर वायरल किया गया है और कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
पार्टी का फैसला
विवाद बढ़ने के बाद सपा ने पूरी जिला इकाई भंग कर दी। जिला अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी और विभिन्न विंग्स की टीमें समाप्त कर दी गई हैं। पार्टी ने नए सिरे से संगठन खड़ा करने के संकेत दिए हैं। विपक्षी दलों ने इसे सपा के चरित्र पर सवालिया निशान लगाते हुए हमला बोला है। कुल मिलाकर, एक वायरल वीडियो ने हरदोई सपा को पूरी तरह हिला दिया है। अब देखना होगा कि नई टीम कब बनती है और पार्टी इस विवाद से कैसे उबरती है।
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