मथुरा के वृंदावन स्थित कांशीराम आवास योजना में मकान खाली करने के नगर निगम के नोटिस के बाद परिवारों की चिंता बढ़ी। दीपक पाराशर ने वैकल्पिक आवास और लिखित आश्वासन की मांग की।

UP News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना में रहने वाले दर्जनों परिवारों के सामने मकान खाली करने का नोटिस मिलने के बाद असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से जारी नोटिस में कॉलोनी के जर्जर और जीर्ण-शीर्ण हिस्सों को हटाने तथा मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस के बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवारों ने मरम्मत कार्य के दौरान रहने की व्यवस्था और मकान खाली करने के बाद दोबारा आवंटित आवास मिलने को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर कॉलोनी पहुंचे और स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से जारी नोटिस में कॉलोनी के जर्जर हिस्सों को हटाने और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में निर्धारित समय-सीमा में मकान खाली नहीं करने या मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नोटिस में संबंधित निवासियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात भी कही गई है। इसके बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवारों के बीच चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन आवासों में रह रहे हैं। यदि मरम्मत के लिए मकान खाली करने पड़ते हैं तो इस अवधि में परिवारों के रहने की व्यवस्था कैसे होगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवारों का कहना है कि कॉलोनी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भी रहते हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मकान खाली करना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। UP News:
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने कॉलोनी का दौरा कर स्थानीय निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों की समस्याएं सुनीं और मकान खाली करने के नोटिस को लेकर प्रशासन से सवाल उठाए। दीपक पाराशर के अनुसार, प्रशासन ने मरम्मत के लिए मकान खाली करने का निर्देश दिया है, लेकिन यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि मरम्मत के दौरान परिवार कहां रहेंगे। उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। दीपक पाराशर ने उत्तर प्रदेश सरकार और नगर निगम मथुरा-वृंदावन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों के लिए मरम्मत अवधि तक अस्थायी आवास या आश्रय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रत्येक आवंटी को लिखित रूप से आश्वासन दिया जाए कि मरम्मत पूरी होने के बाद उन्हें उनका आवंटित मकान वापस दिया जाएगा। साथ ही मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग की गई है।
मामले में स्थानीय परिवारों की मुख्य चिंता मकान खाली करने के बाद उनके अस्थायी आवास और मरम्मत पूरी होने पर दोबारा आवंटित मकान मिलने को लेकर है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से इन बिंदुओं पर स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की है। फिलहाल नगर निगम की ओर से नोटिस में बताए गए प्रावधानों और प्रभावित परिवारों के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। UP News:
विज्ञापन