श्रीधाम वृंदावन में राजपूत समाज से जुड़ा एक नया धार्मिक केंद्र बनकर तैयार हो गया है। गौड़ा नगर स्थित नवनिर्मित राजपूताना आश्रम (धर्मशाला) का भव्य उद्घाटन संत-महात्माओं और समाज के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में किया गया।

UP News : श्रीधाम वृंदावन की आध्यात्मिक धरती पर राजपूताना समाज की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को नया आधार देने वाले गौड़ा नगर स्थित नवनिर्मित राजपूताना आश्रम (धर्मशाला) का भव्य उद्घाटन धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, राजपूत समाज के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उद्घाटन अवसर पर संतों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान, अखंड कीर्तन और भजनों का आयोजन हुआ। इस दौरान श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्रीधाम वृंदावन में धर्मशाला का निर्माण केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि धर्म और जनसेवा का पुण्य कार्य है। UP News
नवनिर्मित धर्मशाला का एक प्रमुख उद्देश्य श्रीधाम वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाजनक ठहरने का स्थान उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में धर्मशाला जैसी व्यवस्थाएं तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मथुरा जिला प्रशासन की वेबसाइट भी वृंदावन में विभिन्न आश्रमों, धर्मशालाओं और अतिथि गृहों की मौजूदगी को दर्ज करती है, जिससे स्पष्ट होता है कि तीर्थयात्रियों के लिए आवासीय सुविधाएं वृंदावन की धार्मिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। UP News

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्मशाला आने वाले समय में धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है। उन्होंने राजपूत समाज की धर्मरक्षा, राष्ट्ररक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए समाज के लोगों से सेवा और सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वृंदावन स्वयं सदियों से विभिन्न संत परंपराओं, मंदिरों और आश्रमों की साधना-स्थली रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद भी वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास से जुड़े कार्य कर रही है। UP News
कार्यक्रम में सिद्धपीठ श्री ईश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा वैष्णव शिरोमणि महंत बलराम दास जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही। धर्मशाला के अध्यक्ष एवं इतिहासकार रोहतास सिंह चौहान, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 से जुड़े पदाधिकारी तथा राजपूत समाज के अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संतों और अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक संस्थान समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। UP News
कार्यक्रम का शुभारंभ अखंड कीर्तन और संतों के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। इसके बाद श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज, महंत बलराम दास जी महाराज, रोहतास सिंह चौहान सहित अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में धर्मशाला का विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह में श्री 108 श्री किशोरी शरण सुदास बाबा की कृपा से श्री वेद किशोरी गो सेवा ट्रस्ट (पंजीकृत) तथा संत श्री सुरदास बाबा कीर्तन मंडली एवं भक्तगण के सहयोग से धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। UP News
उद्घाटन समारोह में राजपूत समाज के बड़ी संख्या में बंधु, संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे। नवनिर्मित धर्मशाला को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने कहा कि धर्मशाला के माध्यम से भविष्य में धार्मिक यात्रियों की सेवा, सामाजिक गतिविधियों और मानव सेवा को लगातार आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। UP News
वृंदावन में राजस्थान और राजपूताना क्षेत्र से जुड़े धार्मिक-सांस्कृतिक योगदान की परंपरा पुरानी है। ऐतिहासिक रूप से राजस्थान के विभिन्न राजघरानों और श्रद्धालुओं का वृंदावन के मंदिरों तथा धार्मिक संस्थानों से जुड़ाव रहा है। आज भी यहां अनेक आश्रम और धर्मशालाएं देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करती हैं। ऐसे में गौड़ा नगर स्थित यह नया राजपूताना आश्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाजसेवा और सामाजिक जुड़ाव के लिए एक नया मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा सकता है। UP News
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्मशाला का निर्माण धर्म और जनसेवा का पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वृंदावन में ठहरने की सुविधा मिलेगी और इसके साथ ही धर्म, संस्कृति, सेवा तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने वाली गतिविधियों को भी यहां आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने राजपूत समाज से अपनी गौरवशाली परंपराओं और सनातन संस्कृति के संरक्षण के साथ सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। UP News
श्रीधाम वृंदावन केवल मंदिरों का शहर नहीं बल्कि संत परंपरा, भक्ति, संगीत, साहित्य, संस्कृति और सेवा गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। यहां स्वामी हरिदास जैसी संत-संगीत परंपरा से जुड़े आयोजन भी लगातार होते रहते हैं। सितंबर 2026 में भी सात दिवसीय स्वामी हरिदास आविर्भाव महोत्सव में भक्ति संगीत, संत समागम, यमुना महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। UP News
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