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UP News: लखीमपुर खीरी जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक चल रही थी। खीरी लोकसभा सीट से सपा सांसद उत्कर्ष वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आनंद भदौरिया ने डीएम अंजनी कुमार सिंह समेत अधिकारियों के सामने अपना गुस्सा जताया।

UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक सरकारी बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने विकास कार्यों के शिलापटों पर अपने नाम न लिखे जाने का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया। धौरहरा लोकसभा सीट से सांसद भदौरिया ने कहा कि वे पाकिस्तान के सांसद नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के सांसद हैं।
लखीमपुर खीरी जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक चल रही थी। खीरी लोकसभा सीट से सपा सांसद उत्कर्ष वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आनंद भदौरिया ने डीएम अंजनी कुमार सिंह समेत अधिकारियों के सामने अपना गुस्सा जताया।
भदौरिया ने कहा कि ब्लॉक, नगर पालिका और जिला पंचायत स्तर पर कराए जा रहे विकास कार्यों के शिलापटों पर विपक्षी सांसदों के नाम गायब हैं। उन्होंने ने तंज कसते हुए कहा, "जब शासन का स्पष्ट निर्देश है कि सभी जनप्रतिनिधियों के नाम शिलापट पर होने चाहिए, तो यह नियम क्यों नहीं लागू हो रहा? सांसद आखिर सांसद होता है, चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का। हम पाकिस्तान के सांसद थोड़े ही हैं, हम हिंदुस्तान के सांसद हैं। विकास कार्यों के पत्थरों पर नाम लिखने में किसी का कुछ नहीं जाता।"
'पहली बार देखा ऐसा भेदभाव'
सांसद ने आगे कहा कि उनके प्रस्तावों पर सड़कें बन रही हैं, लेकिन शिलान्यास, उद्घाटन या प्रभारी मंत्री की बैठकों में उन्हें नहीं बुलाया जाता। उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद पहली बार ऐसी पार्शियलिटी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, "धौरहरा और खीरी की जनता ने हमें चुना है। जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में जो लोग सहयोग नहीं कर रहे, उन पर सवाल उठाना जरूरी है।"
बैठक का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आनंद भदौरिया ने मीडिया से बात करते हुए प्रशासन की कार्यशैली और सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किए।यह घटना विपक्षी दलों द्वारा BJP सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाने के एक और उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। UP News
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