बदायूं हत्याकांड पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, आरोपी की दुकानें ध्वस्त

उत्तर प्रदेश के बदायूं में चर्चित डबल मर्डर कांड के बाद अब प्रशासनिक सख्ती खुलकर नजर आने लगी है। एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया है।

बदायूं में चला बुलडोजर एक्शन
बदायूं में चला बुलडोजर एक्शन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 01:50 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बदायूं में चर्चित डबल मर्डर कांड के बाद अब प्रशासनिक सख्ती खुलकर नजर आने लगी है। एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया है। आरोपी से जुड़ी छह अवैध दुकानों को जमींदोज कर दिया गया, जिनके बारे में जांच में सामने आया कि वे सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई थीं। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में जघन्य अपराध के आरोपियों के खिलाफ अब केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों पर भी सीधा प्रहार किया जा रहा है।

फिर शुरू हुआ ध्वस्तीकरण

उत्तर प्रदेश के बदायूं में यह कार्रवाई दातागंज तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने की। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि आरोपी अजय प्रताप सिंह ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर पक्की दुकानें बनवा ली थीं। इसी आधार पर परिजनों को पहले नोटिस जारी किया गया और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह कार्रवाई अमल में लाई गई। एसडीएम दातागंज के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और पीडब्ल्यूडी की टीम भारी मशीनरी के साथ सैजनी गांव पहुंची और एक-एक कर अवैध दुकानों को गिरा दिया। उत्तर प्रदेश में अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई की यह एक और बड़ी मिसाल मानी जा रही है।

पूरे गांव में सुरक्षा का कड़ा घेरा

ध्वस्तीकरण के दौरान किसी तरह का तनाव न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। पीएसी और कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। गांव के प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई और आरोपी के घर के आसपास आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। कार्रवाई के समय पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में दिखाई दिया। ग्रामीण दूर से इस कार्रवाई को देखते रहे। प्रशासन का साफ संदेश था कि उत्तर प्रदेश में गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध संपत्तियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

12 मार्च की वारदात ने मचा दिया था हड़कंप

यह पूरा मामला 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में हुई सनसनीखेज वारदात से जुड़ा है। आरोप है कि अजय प्रताप सिंह प्लांट परिसर में घुसा और वहां तैनात डीजीएम सुधीर गुप्ता तथा डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा को गोली मार दी। इस दोहरे हत्याकांड से न सिर्फ बदायूं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई थी। दो अधिकारियों की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद शासन स्तर पर भी कड़ा संज्ञान लिया गया। मामले के बाद जिले में पुलिस व्यवस्था पर भी कार्रवाई हुई और कई अधिकारियों को हटाया गया। मुख्य आरोपी को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

पैमाइश में अवैध निकलीं दुकानें

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व विभाग की पैमाइश में आरोपी से जुड़ी दुकानें पूरी तरह अवैध पाई गईं। यही वजह रही कि उत्तर प्रदेश प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुलडोजर एक्शन को अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की अन्य संपत्तियों, आर्थिक स्रोतों और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। UP News

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गोरखपुर हत्याकांड से गरमाई सियासत, अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तंज भरे अंदाज में कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था ही निशाने पर है। उनके मुताबिक, जिन तत्वों को सत्ता पक्ष ने संरक्षण दिया, वही अब हालात को और भयावह बना रहे हैं।

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 01:32 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक प्रॉपर्टी कारोबारी और चौहान समाज के नेता की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस बड़ी वारदात के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने इस घटना को उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तंज भरे अंदाज में कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था ही निशाने पर है। उनके मुताबिक, जिन तत्वों को सत्ता पक्ष ने संरक्षण दिया, वही अब हालात को और भयावह बना रहे हैं। सपा प्रमुख ने गोरखपुर की इस वारदात को उत्तर प्रदेश सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया।

गोरखपुर में सुबह-सुबह हुई सनसनीखेज वारदात

मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरगदवा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मॉर्निंग वॉक पर निकले राजकुमार चौहान की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। राजकुमार चौहान प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े थे और चौहान समाज में भी प्रदेश स्तर पर सक्रिय पहचान रखते थे। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह सुबह घर से टहलने निकले थे, लेकिन घर से करीब 300 मीटर दूर एक बगीचे के पास पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगते ही राजकुमार चौहान वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बदमाश मौके से फरार हो चुके थे। सुबह-सुबह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुई इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके में दहशत, तनाव और भारी आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और वारदात के हर पहलू को खंगालना शुरू कर दिया। हमलावरों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि फरार बदमाशों की पहचान जल्द से जल्द की जा सके। फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस हत्या के पीछे छिपे असली कारणों की तह तक पहुंचने में जुटी है। शुरुआती जांच में पुरानी दुश्मनी, प्रॉपर्टी से जुड़ा विवाद और आपसी रंजिश जैसे कई एंगल सामने रखकर पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।



अखिलेश यादव ने साधा राजनीतिक निशाना

गोरखपुर की इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को सीधे निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है। सपा प्रमुख ने अपने बयान में यह भी कहा कि जनता सब देख रही है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझ रही है। अखिलेश का यह हमला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश सरकार लगातार बेहतर कानून-व्यवस्था का दावा करती रही है। ऐसे में गोरखपुर जैसे संवेदनशील शहर में दिनदहाड़े हुई हत्या ने विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है।

एसएसपी ने जल्द खुलासे का दावा किया

मामले पर गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा है कि पुलिस टीमें तेजी से काम कर रही हैं और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि वारदात से जुड़े सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। UP News

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गोरखपुर में भाजपा नेता पूर्व पार्षद की हत्या, मार्निंग वॉक के समय मारी गोली

गोरखपुर में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात में पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की गोली मारकर और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। इस घटना में गोरखपुर में अंदरखाने चल रही गुटबाजी और गैंगवार की ओर सबका ध्यान खींचा है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं गोरखपुर फिर एक बार गैंगवार से पीड़ित शहर न बन जाए।

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पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 01:29 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात में पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की गोली मारकर और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। इस घटना में गोरखपुर में अंदरखाने चल रही गुटबाजी और गैंगवार की ओर सबका ध्यान खींचा है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं गोरखपुर फिर एक बार गैंगवार से पीड़ित शहर न बन जाए। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राजकुमार चौहान रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। तभी उनके घर से करीब 500 मीटर दूरी पर पहले से घात लगाए बैठे 6 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पहले उन्हें गोली मारी फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घायल हालत में वह करीब 100 मीटर तक जान बचाने के लिए भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

शरीर पर 20 से ज्यादा वार, अस्पताल में मौत

हमले में उनके सिर, सीने और चेहरे पर 20 से ज्यादा चाकू के वार किए गए। गंभीर हालत में परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी सुशीला यह खबर सुनकर बेहोश हो गईं। घटना के बाद समर्थकों ने गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई।

राजनीतिक एंगल भी आया सामने

बताया जा रहा है कि राजकुमार चौहान वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उन्हें राधामोहन दास अग्रवाल का करीबी माना जाता था। कुछ दिन पहले ही दोनों की एक साथ सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, राजकुमार चौहान प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े थे। इस हत्या में प्रॉपर्टी विवाद की आशंका है साथ ही सुपारी किलिंग का भी शक है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।



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