UP News : उत्तर प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए बुधवार का दिन खास दिन बन गया है। उत्तर प्रदेश का लाडला बेटा शुभांशु शुक्ला बुधवार के दिन अंतरिक्ष की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गया है। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक के लिए शुभांशु शुक्ला गर्व करने वाला दिन लेकर आए हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश के लाडले बेटे गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के परिजनों तथा शिक्षकों ने इस बेटे के विषय में बड़ी जानकारी दी है।
उत्तर प्रदेश के बेटे ने भारी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए उड़ान
उत्तर प्रदेश के लाडले बेटे ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए बुधवार को अपनी उड़ान भरी। उत्तर प्रदेश का यह बेटा अंतरिक्ष में जाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला तथा भारत का दूसरा बेटा बन गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला से पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष की यात्रा पर गए थे। वर्ष 1984 में अंतरिक्ष की यात्रा पर जाने वाले विंग कमांडर राकेश शर्मा मूल रूप से पंजाब प्रदेश के रहने वाले थे। राकेश शर्मा ने जिस प्रकार वर्ष 1984 में भारत का झंडा अंतरिक्ष में फहराया था। उसी प्रकार इस बार भारत का बेटा सुधांशु शुक्ला 2025 में भारत के राष्ट्रीय झंडे को अंतरिक्ष में फहरा रहे हैं।
अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले IAS बनना चाहता था उत्तर प्रदेश का बेटा
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश का लाडला बेटा शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले IAS अधिकारी बनना चाहता था। उत्तर प्रदेश के बेटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू शुक्ला ने कहा हम हमेशा से यह चाहते थे कि उसका भविष्य बेहतर हो और वह हमसे आगे जाए। उसने जब इस लाइन में जाना चुना तो हमने फिर मना भी नहीं किया। वह हर जगह सक्सेस रहा। शुभांशु का सिविल सर्विसेज में जाने का मन था, लेकिन इंटर से पहले ही एनडीए में हो गया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ शुभांशु की तस्वीर दिखाते हुए पिता बोले कि त्रिवेंद्रम में एस्ट्रोनॉट के नाम का ऐलान हुआ था।
तभी प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु को और हम सभी को बधाई दी थी और कहा था कि आपका बच्चा हीरा है। उत्तर प्रदेश के इस लाडले बेटे के पिता शंभू शुक्ला ने बताया कि शुभांशु से मेरी बात हुई है, उसने कहा है कि मुझे पूरा आत्मविश्वास है कि मिशन पूर्ण होगा। किसी तरह का कोई डर नहीं है। शुभांशु के अंतरिक्ष से वापस आने पर हम लोग खुशी मनाना चाहते हैं। बड़ा फंक्शन करेंगे। परिवार के सभी सदस्य एक साथ होंगे।
शुभांशु के शिक्षक ने बताया कि प्रतिभाशाली छात्र था उत्तर प्रदेश का यह बेटा
भारत के अंतरिक्ष मिशन में गए उत्तर प्रदेश के लाडले बेटे शुभांशु शुक्ला को लेकर उनके पूर्व शिक्षक नागेश्वर शुक्ला ने एक खास बातचीत में बताया कि शुभांशु बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली छात्र थे। उन्होंने कहा कि जब शुभांशु स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनके अंदर एक अलग ललक थी।
शुभांशु में अनुशासन और ज्ञान के प्रति उत्साह बचपन से ही अद्भुत था। विज्ञान और गणित में रुचि रखने के अलावा उनकी हर विषय में रुचि थी। शुभांशु की इस कामयाबी पर उनके शिक्षक ने खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है और आज वह जिस ऊंचाई पर पहुंचे हैं, उसके पीछे वर्षों की मेहनत और समर्पण है।
शुभांशु की बहनों ने कहा कि भारत का गौरव है उनका भाई
उत्तर प्रदेश के लाडले बेटे शुभांशु शुक्ला की बहनों ने भी मीडिया से बात की। बहनों ने कहा, वह सिफऱ् हमारा भाई नहीं है। वह देश का गौरव है। दरअसल, लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल ने अपने गौरवशाली पूर्व छात्र शुभांशु शुक्ला के सम्मान में अपने ऑडिटोरियम को मिनी स्पेस सेंटर में तब्दील कर दिया था।
इस दौरान शुभांशु की दो बड़ी बहनें भी स्कूल पहुंचीं और इस भव्य आयोजन में शामिल हुईं। बहनों ने कहा यहां प्यार और सम्मान देखकर बहुत अच्छा लगा। यह सिफऱ् हमारे भाई की यात्रा नहीं है। यह भारत की यात्रा है,। आपको बता दें कि इस दौरान शुभांशु की बहन रोने भी लगी। UP News