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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के PA चन्द्रनाथ रथ की हत्या की जांच CBI ने तेज कर दी है। CBI के सूत्रों का दावा है कि यह हत्याकांड सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के साथ जुड़ा हुआ है। CBI ने इस मामले के मास्टरमाइंड का खुलासा अभी तक नहीं किया है।

UP News : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के PA चन्द्रनाथ रथ की हत्या की जांच CBI ने तेज कर दी है। CBI के सूत्रों का दावा है कि यह हत्याकांड सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के साथ जुड़ा हुआ है। CBI ने इस मामले के मास्टरमाइंड का खुलासा अभी तक नहीं किया है। पश्चिम बंगाल की पुलिस तथा CBI की टीम इस हत्याकांड के मामले में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तारी कर रही है। अब तक इस हत्याकांड से जुड़े हुए तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI का दावा है कि जल्दी ही इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड को पकड़ लिया जाएगा। साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के PA चन्द्रनाथ रथ की हत्या के कारणों का भी खुलासा कर दिया जाएगा। UP News
आपको बता दें कि CBI ने सोमवार की रात में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से विनय राय उर्फ पमपम राय को गिरफ्तार किया था। आरोपी विनय राय उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां क्षेत्र के देवरिया गांव का रहने वाला है। CBI और कोलकाता पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी। गिरफ्तारी के बाद 19 मई की देर शाम आरोपी को वाराणसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सीबीआई को 21 मई की शाम 6 बजे तक का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया। CBI की पूछताछ में पमपम राय ने कई राज उगल दिए हैं। UP News
CBI के द्वारा उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पकड़े गए विनय राय उर्फ पमपम राय का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ गाजीपुर और दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज है। इस मामले में गाजीपुर के ही मतसा गांव के रहने वाले संतोष राय का नाम भी सामने आया है। संतोष राय फिलहाल फरार चल रहा है। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के बलिया के राज सिंह उर्फ चंदन को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। कोलकाता पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपी राज सिंह बलिया के आनंद नगर का निवासी है और क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी रहा है। राज सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उस पर साल 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप है और वह फिलहाल जमानत पर था। उसके सोशल मीडिया पर कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी मौजूद हैं। राज सिंह बलिया के एक नेता की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था, जहां से लौटते समय उसे अयोध्या में दबोच लिया गया। UP News
मुजफ्फरनगर से बलिया निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी को छपार क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा के पास पकड़ा गया। सीजेएम कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए उसे 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। CBI को राजकुमार सिंह की गतिविधियों की जानकारी पहले से ही मिल चुकी थी। जांच एजेंसी को इनपुट मिला था कि आरोपी हरिद्वार से वापस लौट रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टोल प्लाजा पर घेराबंदी की। सोमवार सुबह जैसे ही राजकुमार की गाड़ी टोल के पास पहुंची, टीम ने उसे दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद उससे काफी देर तक पूछताछ की गई और अब रिमांड के दौरान हत्या की साजिश और 10 मई को अयोध्या से पकड़े गए बलिया के ही राज सिंह से उसके संबंधों को खंगाला जाएगा। बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र के रत्तोपुर गांव का रहने वाला राजकुमार सिंह केवल स्नातक प्रथम वर्ष तक पढ़ा है। मन न लगने के कारण पढ़ाई छोड़ चुका था। वह मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करता था, लेकिन 8 महीने पहले घर लौट आया था. विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवा रहा था। करीब 3 साल पहले वर्ष 2022 में गांव के ही दलित समाज के लोगों से मारपीट के मामले में उस पर हरिजन एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल भी जा चुका था। UP News
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