उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अधिवक्ताओं ने प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों के साथ हुई अभद्रता की घटना पर विरोध जताया। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के महासचिव पालम राणा एडवोकेट के नेतृत्व में वकीलों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।

UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ हुई अभद्रता की घटना को लेकर सहारनपुर के वकीलों ने विरोध जताया है। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के महासचिव पालम राणा एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग उठाई। इस संबंध में वकीलों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
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सहारनपुर में अधिवक्ताओं ने प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों के साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज के सम्मान और गरिमा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के महासचिव पालम राणा एडवोकेट के नेतृत्व में वकीलों ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई।
राज्यपाल के नाम दिए गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के वकील वर्ष 1981 से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस मांग को लेकर समय-समय पर सरकार को ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। वकीलों का कहना है कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी लगभग 750 किलोमीटर है। इतनी लंबी दूरी तय करने में आम लोगों और अधिवक्ताओं को काफी समय, धन और परेशानी का सामना करना पड़ता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित होने से क्षेत्र के लोगों को न्यायिक प्रक्रिया में सुविधा मिल सकेगी। UP News:
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि देश के कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में लखनऊ में हाईकोर्ट की बेंच है। उनके अनुसार, लखनऊ बेंच के अधिकार क्षेत्र में केवल 12 जिले शामिल हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है।
अधिवक्ताओं ने सरकार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता की सुविधा और लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। UP News:
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