भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले मुख्यमंत्री में से तेलंगाना का मुख्यमंत्री सबसे ऊपर है। उनकी मासिक सैलेरी 4.10 लाख ( 410,000) है। दूसरे नंबर पर है दिल्ली का मुख्यमंत्री, जिनकी सैलेरी लगभग 3.90 लाख है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मासिक सैलरी लगभग 3.65 लाख ( 365,000)रुपये है। उन्हें बेसिक पे, महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते मिलते हैं। महंगाई भत्ता 90,000 तक हो सकता है। कानूनी रूप से, उत्तर प्रदेश में मंत्री और मुख्यमंत्री का मूल कानूनी वेतन कानून में भी लिखा गया है। मुख्यमंत्री को 40,000 /- मासिक नामित वेतन मिलता है। इसमें अन्य भत्ते अलग से मिलते हैं।
भारत में सबसे अधिक वेतन पाने वाले मुख्यमंत्री में से तेलंगाना का मुख्यमंत्री सबसे ऊपर है। उनकी मासिक सैलेरी 4.10 लाख ( 410,000) है। दूसरे नंबर पर है दिल्ली का मुख्यमंत्री, जिनकी सैलेरी लगभग 3.90 लाख है। योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश) तीसरे नंबर पर हैं, जैसा कि हम ऊपर देख चुके हैं योगी आदित्यनाथ की मासिक सैलरी लगभग 3.65 लाख है।
भारत में सीएम का वेतन राज्य की विधानसभा द्वारा तय किया जाता है। यह संविधान (अनुच्छेद 164) की अनुमति पर आधारित है।
वेतन में सिर्फ तनख्वाह नहीं होता, बल्कि भत्ते भी शामिल होते हैं। जैसे यात्रा, आवास, सुरक्षा आदि। देश में सबसे अधिक सैलरी पाने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक हैं तेलंगाना के मुख्यमंत्री जिनकी सेलरी है 4.10 लाख/माह। राज्यों में सीएम की सैलरी इतना अलग-अलग क्यों होती है? इसका मुख्य कारण ये है कि राज्य विधानसभाएँ ये तय करती हैं। केंद्र (पैन-इंडिया) कोई एक तरह की सैलरी नहीं लागू नहीं करता। सैलरी में अंतर यह भी दिखाता है कि राजनीतिक नेतृत्व का पैकेज सिर्फ राज्य की आमदनी या जीडीपी पर नहीं, बल्कि उस राज्य की व्यवस्थाओं, बजट प्राथमिकताओं और राजनीतिक फैसलों पर निर्भर करता है।