मायावती ने घोषित कर दिए अनेक प्रत्याशी, शुरू किया मिशन-2027

‘‘मिशन-2027’’ की शुरूआत करते हुए मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित करने शुरू कर दिए हैं। मायावती ने उत्तर प्रदेश की आधा दर्जन विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।

बसपा प्रमुख मायावती
बसपा प्रमुख मायावती
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar03 Mar 2026 03:00 PM
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UP News : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 पर तेजी के साथ काम शुरू कर दिया है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव-2027 को ‘‘मिशन-2027’’ का नाम दिया है। ‘‘मिशन-2027’’ की शुरूआत करते हुए मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित करने शुरू कर दिए हैं। मायावती ने उत्तर प्रदेश की आधा दर्जन विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।

मायावती ने घोषित किए विधानसभा चुनाव के प्रभारी

बसपा मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा के आधा दर्जन प्रभारी घोषित कर दिए हैं। बसपा में जिन नेताओं को विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया जाता है। उन्हीं नेताओं को विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया जाता है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि बसपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 के लिए प्रत्याशियों की धड़ाधड़ घोषणा शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने प्रदेश के आजमगढ़ जिले की दीदारगंज विधानसभा सीट पर अबुल कैश आजमी, जालौन जिले की माधोगढ़ विधानसभा सीट पर आशीष पांडे, जौनपुर जिले की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट पर विनोद मिश्रा और सहारनपुर देहात विधानसभा सीट पर फिरोज आफताब को प्रभारी बनाया है। मायावती ने जिस तरह साल 2007 के चुनाव में जिस सोशल इंजीनियरिंग के दम पर यूपी की सत्ता में वापसी की थी, अब उसी फॉर्मूले को 2027 में दोहराने की कोशिश है। यही वजह है कि मायावती ने फिलहाल जिन नेताओं को प्रभारी बनाया है, उसमें दो मुस्लिम और दो ब्राह्मण हैं। ऐसे में साफ है कि बसपा की नजर किस वोटबैंक पर है। 

वर्ष—2007 वाला फार्मूला अपना रही है बसपा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मायावती ने अकेले दम पर लड़ने का प्लान बनाया है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने साफ कहा कि बसपा इस बार पारंपरिक गठबंधनों से अलग राह पर चलेगी और समय से पहले कैंडिडेट घोषित कर दिए जाएंगे।प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान बसपा की पुरानी 'सोशल इंजीनियरिंग' रणनीति की पुनर्वापसी का संकेत है,जिसके सहारे 2007 में पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था। 2027 के लिए बसपा ने जिस तरह से पहली फेहरिश्त में ब्राह्मण और मुस्लिम चेहरे पर दांव लगाया है, उससे साफ है कि मायावती की रणनीति क्या है? आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बसपा संगठन और प्रत्याशियों का पैमाना तैयार किया है। ब्राह्मण और मुस्लिम कैंडिडेट को चुनावी मैदान में उतारकर और दलितों को संगठन के माध्यम से जोड़कर काम करने की योजना बनाई गई है. बसपा ने 2007 में इसी दांव से सत्ता पर काबिज हुई थी। मायावती ने 2007 में परंपरागत दलित वोटों के साथ-साथ ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों को लेकर मैदान में उतरीं और इस सोशल इंजीनियरिंग ने विपक्षी दलों को चुनावी रण में धराशाई कर दिया। अब मायावती उसी फॉर्मूले को फिर आजमाना चाह रही हैं। मायावती पिछले 3 महीने में हुई सभी बैठकों मैं यह बात कहती रही हैं कि ब्राह्मण-मुस्लिम और दलित गठजोड़ के साथ वह 2027 के विधानसभा चुनाव में जाएंगी और एक बार फिर से सत्ता में पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करेंगी। उत्तर प्रदेश की सियासत में फर्श से अर्श पर पहुंची बसपा का सियासी आधार 2012 के बाद से लगातार घिरता जा रहा है। बसपा 30 फीसदी वोट शेयर से घिरकर यूपी में 10 फीसदी से नीचे आ गया। यूपी में बसपा एक के बाद एक चुनाव हार रही है और उसका सियासी आधार दिन ब दिन सिमटता जा रहा है। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा को सिर्फ एक सीट मिली थी और 2024 में पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी। 2027 का चुनाव बसपा के लिए अपने सियासी वाजूद को बचाए रखने की है। ऐसे में मायावती कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है, जिसके लिए लखनऊ में डेरा जमाकर लगातार बैठक कर संगठन को सियासी धार देने में जुटी हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 बसपा के लिए करो या मरो वाला चुनाव होगा। UP News

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उत्तर प्रदेश के ठेकों में नहीं चलेगी रिश्तेदारी, निर्देश जारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के रिश्तेदारों की फर्मों को सरकारी ठेके नहीं दिए जाएंगे। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से खास निर्देश जारी किए हैं।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar03 Mar 2026 02:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में दिए जाने वाले सरकारी ठेकों में रिश्तेदारी वाला खेल नहीं चलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के रिश्तेदारों की फर्मों को सरकारी ठेके नहीं दिए जाएंगे। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से खास निर्देश जारी किए हैं। रिश्तेदारों की ठेकेदारी रोकने के ताजा निर्देश मनरेगा वीबी-जी रामजी योजना के लिए जारी किए गए हैं।

PWD वाली व्यवस्था लागू करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य PWD में पहले ही रिश्तेदारी व्यवस्था समाप्त कर चुके हैं। PWD में ऐसे किसी ठेकेदार को ठेका नहीं दिया जाता है जिसका कोई रिश्तेदार उस विभाग में अधिकारी तथा कर्मचारी के रूप में तैनात रहेगा। इसी व्यवस्था को विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) के साथ जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस विषय में सख्त निर्देश जारी किर दिए हैं। 

सामान की आपूर्ति में पारदर्शिता के निर्देश

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए हैं कि मैटेरियल, ईंधन, स्टेशनरी और अन्य सेवाओं की आपूर्ति में पारदर्शिता रखी जाए। किसी भी तरह की अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने वीबी- जीरामजी के कार्यों और उनमें उपयोग होने वाली सामग्री की आपूर्ति से संबंधित दिशा-निर्देशों पर पूरी तरह से अमल न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इस संबंध में जिलाधिकारियों (डीएम) और जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पहले से पंजीकृत फर्मों की दोबारा जांच करने को कहा गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार ब्लॉक प्रमुख, बीडीओ, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और अन्य संबंधित कर्मचारियों के परिवार की फर्मों पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

उत्तर प्रदेश में वीबी जी राम जी मिशन में खर्च होंगे 3.20 अरब रुपए

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला यह है कि प्रदेश में विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी जी और राम जी) में 3.20 अरब रुपए खर्च किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में 3.20 अरब का प्रावधान पहले ही कर दिया है। बजट में यह व्यवस्था की गई है कि मिशन में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में 75 लाख दिन मजदूरों को काम दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि निर्माण सामग्री सहित अन्य खरीदारी के लिए 3.20 अरब रुपये अनुमोदित किया गया है। नए रूप में बदले गए वीबी जीरामजी में शामिल कार्यों की कार्ययोजना युक्त धारा एप पर बनाई गई है। कार्ययोजना में जल संरक्षण, जल संग्रहण, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण, पशुपालन को बढ़ावा दिए जाने के कैटल शेड, आवास निर्माण के लिए लाभार्थियों को मजदूरी के साथ कई कच्चे और पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। कार्ययोजना में ब्लाकवार और ग्राम पंचायतवार भी कार्ययोजना में कामों को प्रस्तावित करते हुए बजट का अनुमोदन कराया गया है। UP News


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संकट मोचक की भूमिका में नजर आए उत्तर प्रदेश के CM

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे सभी नागरिकों की समस्याओं के समाधान का त्वरित आदेश जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याएं ब्लॉक, तहसील तथा जिला स्तर पर ही हल हो जानी चाहिए।

गोरखपुर में मुख्यमंत्री का जनसंवाद
गोरखपुर में मुख्यमंत्री का जनसंवाद
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar03 Mar 2026 01:56 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को संकट मोचक की भूमिका में नजर आए। मंगलवार को गोरखपुर में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान CM योगी की संकट मोचक की छरि हर किसी को पसन्द आई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश के किसी भी नागरिक का पैसों की कमी के कारण ईलाज नहीं रूकने दिया जाएगा।

बड़ी संख्या में लोगों की समस्याएं सुनी CM योगी ने

मंगलवार की सुबह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान CM योगी ने बड़ी संख्या में नागरिकों की समस्याएं सुनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वाधिक ध्यान गंभीर बीमारियों से पीडि़त नागरिकों की तरफ दिया। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे सभी नागरिकों की समस्याओं के समाधान का त्वरित आदेश जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याएं ब्लॉक, तहसील तथा जिला स्तर पर ही हल हो जानी चाहिए। इस बात की नौबत ही नहीं आनी चाहिए कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को अपनी समस्या लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास तक आना पड़े।

चिंता ना करें सरकार देगी ईलाज का पैसा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन के कार्यक्रम में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त नागरिक भी आए थे। मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में एक नागरिक ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है? जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए। इलाज रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी। साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो। उन्होंने कहा कोई भी पीडि़त दोबारा भटकने को मजबूर न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बच्चों को खिलाई चॉकलेट

जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं। मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए। अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है। खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है। जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो। UP News


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