2025 में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक पार्क, कहां लग रहे हैं और कितना होगा फायदा?
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 03:04 AM
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी नीतियां और मजबूत रणनीति अब धरातल पर असर दिखा रही हैं। उत्तर प्रदेश में उद्योगों का नक्शा तेजी से बदल रहा है। यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) अब सिर्फ जमीन बांटने वाला विभाग नहीं बल्कि एक मजबूत आर्थिक इंजन बन चुका है जो निवेश बढ़ा रहा है रोजगार पैदा कर रहा है और उद्योगों के लिए जरूरी ढांचा खड़ा कर रहा है। Uttar Pradesh News
अब सिर्फ नोएडा नहीं पूरे प्रदेश में बन रहे हैं औद्योगिक हब
अब तक उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की पहचान नोएडा, गाजियाबाद जैसे गिने-चुने शहरों तक ही सीमित थी। लेकिन अब सरकार की योजना है कि हर क्षेत्र में औद्योगिक ग्रोथ पहुंचे। बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे पिछड़े इलाकों को खास रियायतें देकर वहां निवेश बढ़ाया जा रहा है। यूपीसीडा के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे, गोरखपुर आदि में औद्योगिक प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक पार्क और क्लस्टर तैयार कर रहे हैं। कानपुर में बन रहे मेगा लेदर पार्क से 50,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। वहीं डिफेंस कॉरिडोर के जरिए अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों में रक्षा उत्पादों की यूनिट्स तैयार हो रही हैं।
निवेश और रोजगार में जबरदस्त उछाल
पिछले तीन सालों में यूपीसीडा ने 1,600 से ज्यादा इंडस्ट्रियल प्लॉट निवेशकों को दिए हैं। सिर्फ 2024–25 में ही 798 प्लॉट आवंटित हुए हैं। इसका सीधा मतलब है हजारों नए रोजगार के मौके और निवेशकों का बढ़ता भरोसा। औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स में छूट और दूसरी सुविधाएं दी जा रही हैं। टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए खास पॉलिसी लागू की गई है। सरकार ने निजी औद्योगिक पार्क योजना शुरू की है जिसमें जमीन खरीदने पर 100% स्टांप ड्यूटी माफी और पूंजी निवेश का 25% तक सब्सिडी (₹40–80 करोड़ तक) दी जा रही है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए ये सब्सिडी और ज्यादा बढ़ाई गई है ताकि इन क्षेत्रों में भी तेजी से उद्योग लग सकें।
बुंदेलखंड को मिल रहा नया नोएडा
सरकार झांसी और आसपास के क्षेत्र में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) बना रही है। यहां 35,000 एकड़ ज़मीन पर नया औद्योगिक शहर विकसित किया जाएगा जो नोएडा की तर्ज पर काम करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने हाल ही में 5 बड़े एक्सप्रेसवे के किनारे 27 इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLCs) लॉन्च किए हैं। ये क्लस्टर 13,000 एकड़ में फैले होंगे और हजारों लोगों के लिए रोजगार लेकर आएंगे।
फ्रंटएंड (पहले) में स्टांप ड्यूटी छूट (100% तक), सस्ती दर पर प्लॉट, 1% ब्याज दर पर लोन। बैकएंड (बाद में) में, पूंजी सब्सिडी (₹40–100 करोड़ तक), SGST में छूट, बिजली दर में छूट, स्किल डेवलपमेंट और हॉस्टल सब्सिडी। सरकार का साफ लक्ष्य है उत्तर प्रदेश को देश की औद्योगिक रीढ़ बनाना। निवेश, रोजगार और अवसंरचना के मोर्चे पर जो तेजी देखी जा रही है वो बताती है कि यूपी अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग का नया हब बन चुका है। Uttar Pradesh News