विज्ञापन
सरकार के निर्यात प्रतिबंध के बाद सवाल उठ रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा चीनी कहां बनती है, किन देशों को इसकी सप्लाई होती है और वैश्विक बाजार में भारत की क्या स्थिति है।

UP News : देश में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने इसके निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है, जो सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इस फैसले के बाद भारत की चीनी उत्पादन और निर्यात क्षमता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
भारत दुनिया में चीनी उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर ब्राजील है। वैश्विक आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत मानी जाती है। देश में हर साल लगभग 35.5 मिलियन टन चीनी का उत्पादन होता है। UP News
भारत में चीनी उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश है। आंकड़ों के अनुसार देश की कुल चीनी का लगभग 50 प्रतिशत उत्पादन अकेले यूपी करता है। इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य प्रमुख उत्पादक हैं।
उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती के लिए अनुकूल जलवायु उचित तापमान, पर्याप्त वर्षा और उपजाऊ मिट्टी इसे देश का शुगर हब बनाती है।
भारत 80 से अधिक देशों को चीनी निर्यात करता है। प्रमुख खरीदार देशों में इंडोनेशिया, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, सूडान और सोमालिया शामिल हैं। इंडोनेशिया भारतीय चीनी का सबसे बड़ा आयातक माना जाता है। UP News
ब्राजील दुनिया में सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है। वहां की उष्णकटिबंधीय जलवायु, विशाल गन्ना उत्पादन और मजबूत निर्यात ढांचा इसे वैश्विक लीडर बनाता है। ब्राजील गन्ने से चीनी के साथ-साथ इथेनॉल भी बड़े पैमाने पर बनाता है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त लाभ मिलता है। गन्ने की कटाई के बाद उसका रस निकाला जाता है, जिसे शुद्ध कर गर्म किया जाता है। इसके बाद क्रिस्टल बनने की प्रक्रिया होती है। तैयार चीनी को सुखाकर, छांटकर और पैक करके बाजार में भेजा जाता है। UP News
विज्ञापन