महराजगंज के आलोक प्रसाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। जानिए उनका राजनीतिक सफर, संगठन में मिली जिम्मेदारियां और चुनावी पृष्ठभूमि।

उत्तर प्रदेश की सियासत में आलोक प्रसाद को कांग्रेस ने एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। महराजगंज से आने वाले आलोक प्रसाद को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। करीब ढाई दशक पहले यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के तौर पर शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब प्रदेश संगठन के अहम पद तक पहुंच गया है। महराजगंज में कांग्रेस की सियासत से लेकर प्रदेश संगठन में सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी तक आलोक प्रसाद ने कई भूमिकाएं निभाई हैं। वह तीन बार महराजगंज सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। अनुसूचित जाति विभाग की कमान संभाल चुके आलोक प्रसाद के सामने अब संगठन को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है।
आलोक प्रसाद उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से आते हैं। कांग्रेस संगठन में उनकी सक्रियता की शुरुआत स्थानीय स्तर से हुई। वर्ष 2000 में उन्होंने यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के तौर पर राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद वह लगातार कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे और अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए प्रदेश स्तर की राजनीति में अपनी जगह बनाई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह करीब नौ साल तक दो अलग-अलग कार्यकाल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी रहे। महराजगंज की स्थानीय राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद आलोक प्रसाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी कई जिम्मेदारियां मिलीं। वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव और महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
आलोक प्रसाद का कांग्रेस संगठन में एक महत्वपूर्ण दायित्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग से भी जुड़ा रहा है। वह इस विभाग के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्ष 2020 में उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग का चेयरमैन बनाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। नवंबर 2024 में अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े एक कार्यक्रम में भी आलोक प्रसाद निवर्तमान अध्यक्ष के तौर पर मौजूद थे। इस जिम्मेदारी के दौरान वह प्रदेश स्तर पर विभाग से जुड़े संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे।
आलोक प्रसाद की राजनीतिक पहचान महराजगंज सदर विधानसभा सीट से भी जुड़ी रही है। वह कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2012 और 2017 के चुनावों में भी वह कांग्रेस के उम्मीदवार रहे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हें महराजगंज सदर सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। 2022 के चुनाव में आलोक प्रसाद कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे। उस समय वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। इस तरह चुनावी राजनीति के साथ-साथ वह संगठन के स्तर पर भी कांग्रेस के लिए सक्रिय रहे।
आलोक प्रसाद की राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से जुड़ी रही है। उनके पिता स्वर्गीय सुखदेव प्रसाद भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे। रिपोर्ट के मुताबिक सुखदेव प्रसाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे थे। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। आलोक प्रसाद का राजनीतिक सफर ऐसे समय में आगे बढ़ा जब उनके परिवार की भी कांग्रेस संगठन में मजबूत पहचान थी। हालांकि उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत यूथ कांग्रेस के जिला स्तर के संगठन से की और इसके बाद अलग-अलग संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते हुए प्रदेश कांग्रेस तक पहुंचे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अक्टूबर 2026 में हुए संगठनात्मक बदलाव के तहत आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ देवेंद्र निषाद को भी वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। यह बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश संगठन में किया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ आलोक प्रसाद अब प्रदेश स्तर पर संगठन के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। महराजगंज से जिला स्तर पर शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद तक पहुंच चुका है।
आलोक प्रसाद के राजनीतिक सफर को देखें तो उनकी सक्रियता कांग्रेस संगठन में करीब ढाई दशक से रही है। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से शुरुआत करने के बाद उन्होंने जिला अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष जैसे पदों पर काम किया। अनुसूचित जाति विभाग की जिम्मेदारी संभालने के साथ उन्होंने चुनावी राजनीति में भी कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। अब वरिष्ठ उपाध्यक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस संगठन से जुड़ी होगी। महराजगंज की स्थानीय राजनीति से प्रदेश संगठन तक पहुंचे आलोक प्रसाद के राजनीतिक सफर में यह एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
विज्ञापन