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राम मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सामने आए राम मंदिर चढ़ावा विवाद और उससे जुड़ी जांच के बीच बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है।

UP News : राम मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सामने आए राम मंदिर चढ़ावा विवाद और उससे जुड़ी जांच के बीच बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। इस घटनाक्रम के बाद अयोध्या से लेकर संगठनात्मक हलकों तक हलचल तेज हो गई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की एक अहम बैठक के बाद यह खबर सामने आने से मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। UP News
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में हाल ही में VHP की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में कथित दान अनियमितताओं, SIT जांच और संगठन की छवि पर पड़ रहे असर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ट्रस्ट महासचिव चंपत राय की भूमिका को लेकर भी आंतरिक मंथन हुआ। कुछ आरोपियों के कथित संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया था। इसके बाद ही उनके इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई। UP News
चंपत राय भारतीय संगठनात्मक राजनीति और राम मंदिर आंदोलन के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं। वर्तमान में वे विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ पदाधिकारी और अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के रूप में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चंपत राय का जन्म 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना क्षेत्र में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन सामान्य मध्यमवर्गीय परिवेश में बीता। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद रसायन विज्ञान (Chemistry) में विशेषज्ञता हासिल की और लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे। वे धामपुर स्थित एक डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में अध्यापन कार्य भी कर चुके हैं। 1980 के दशक में उन्होंने शिक्षण कार्य छोड़कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया। इसके बाद उनका पूरा जीवन संगठनात्मक गतिविधियों को समर्पित हो गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शुरुआत में वे विभाग प्रचारक रहे और बाद में विश्व हिंदू परिषद (VHP) में सह-क्षेत्रीय संगठन मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। UP News
राम मंदिर आंदोलन के निर्णायक दौर में चंपत राय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। 1990 के दशक में जब विश्व हिंदू परिषद ने कारसेवा की घोषणा की, तब उन्होंने स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के समन्वय, जनसंपर्क और रसद व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचा विध्वंस के समय भी वे अयोध्या में मौजूद थे। इस पूरे आंदोलन के दौरान वे VHP के शीर्ष नेतृत्व जैसे अशोक सिंघल और विनय कटियार के करीबी सहयोगियों में गिने जाने लगे। 5 फरवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया। इस 15 सदस्यीय ट्रस्ट में महंत नृत्य गोपाल दास को अध्यक्ष और चंपत राय को महासचिव नियुक्त किया गया। महासचिव बनने के बाद उन्हें मंदिर निर्माण की निगरानी, प्रशासनिक समन्वय और पूरे देश में चलाए गए “निधि समर्पण अभियान” (चंदा संग्रह अभियान) के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। चंपत राय ने ट्रस्ट के संचालन और मंदिर निर्माण परियोजना को गति देने में केंद्रीय भूमिका निभाई। दान संग्रह से लेकर निर्माण एजेंसियों के समन्वय और परियोजना के प्रशासनिक निर्णयों तक वे लंबे समय तक ट्रस्ट का प्रमुख चेहरा बने रहे। UP News
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