देवेंद्र निषाद कौन हैं? जानिए गोरखपुर से आने वाले कांग्रेस नेता का राजनीतिक सफर, बसपा से जुड़ाव, 2012 का चुनाव, 2022 विधानसभा चुनाव और कांग्रेस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनने तक की पूरी कहानी।

उत्तर प्रदेश की सियासत में देवेंद्र निषाद का नाम अब एक नई जिम्मेदारी के साथ चर्चा में है। गोरखपुर से आने वाले देवेंद्र निषाद को कांग्रेस ने प्रदेश का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में मिली यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक सफर में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। निषाद समाज के बीच अपनी राजनीतिक पहचान रखने वाले देवेंद्र निषाद लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। हालांकि, उनकी सियासी राह हमेशा कांग्रेस तक सीमित नहीं रही। कांग्रेस में आने से पहले वह बहुजन समाज पार्टी के साथ भी रह चुके हैं और 2012 में बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। अब पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर पूर्वांचल की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। ऐसे में देवेंद्र निषाद की सियासी पारी और कांग्रेस में बढ़ती भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
देवेंद्र निषाद गोरखपुर के रहने वाले हैं। राजनीति में आने से पहले और कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने से पहले उनका जुड़ाव बहुजन समाज पार्टी से रहा है। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के टिकट पर कौड़ीराम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद देवेंद्र निषाद कांग्रेस के साथ जुड़े और धीरे-धीरे संगठन में अपनी जगह बनाई। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। वह कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह बस्ती और गोरखपुर मंडल के चार जिलों के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
देवेंद्र निषाद वर्तमान में फिशरमैन कांग्रेस के पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मछुआरा और निषाद समाज से जुड़े मुद्दों के बीच संगठन में सक्रिय रहने की वजह से पूर्वांचल की राजनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कांग्रेस ने अब उन्हें प्रदेश का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है। पार्टी के संगठन में यह जिम्मेदारी मिलने के बाद देवेंद्र निषाद की भूमिका सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है।
देवेंद्र निषाद कांग्रेस के टिकट पर 2022 का विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था। इस चुनाव के बाद भी वह पार्टी संगठन में सक्रिय रहे और अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते रहे। उनके राजनीतिक सफर को देखें तो पहले बसपा के साथ चुनाव लड़ने से लेकर कांग्रेस पार्टी में महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने तक उन्होंने पूर्वांचल की राजनीति में लंबा सफर तय किया है।
पूर्वांचल की राजनीति में निषाद समाज की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जाता है। गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में निषाद, मल्लाह और केवट समुदाय की आबादी है। यही वजह है कि राजनीतिक दल इस समाज के नेताओं को संगठन और चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देते रहे हैं। कांग्रेस की ओर से देवेंद्र निषाद को उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने को भी पूर्वांचल में पार्टी को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी लंबे समय से पूर्वांचल में अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की कोशिश करती रही है। ऐसे में निषाद समाज से आने वाले एक नेता को प्रदेश संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देना राजनीतिक तौर पर बहुत महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद देवेंद्र निषाद के सामने अब संगठन को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। खास तौर पर पूर्वांचल में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना और पार्टी के साथ अलग-अलग सामाजिक समूहों को जोड़ना उनके लिए महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरण भी महत्वपूर्ण रहेंगे। ऐसे में देवेंद्र निषाद की नई जिम्मेदारी के बाद यह देखना अहम होगा कि वह कांग्रेस संगठन में अपनी भूमिका किस तरह निभाते हैं और पूर्वांचल में पार्टी के लिए कितना प्रभाव पैदा कर पाते हैं।
देवेंद्र निषाद की राजनीतिक यात्रा में बसपा से लेकर कांग्रेस संगठन तक का सफर शामिल है। उन्होंने 2012 में बसपा के टिकट पर कौड़ीराम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद वह कांग्रेस से जुड़े और संगठन में सचिव समेत कई जिम्मेदारियां निभाईं। वह बस्ती और गोरखपुर मंडल के चार जिलों के प्रभारी भी रह चुके हैं। 2022 में कांग्रेस ने उन्हें गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। इसके बाद वह फिशरमैन कांग्रेस के पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते रहे। अब कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है। देवेंद्र निषाद को प्रदेश कांग्रेस का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पूर्वांचल में निषाद समाज की राजनीतिक मौजूदगी को देखते हुए उनकी नई जिम्मेदारी पर खास नजर रहेगी। आने वाले समय में यह देखना होगा कि कांग्रेस में उनकी बढ़ती भूमिका पार्टी के संगठन और पूर्वांचल की राजनीति में किस तरह दिखाई देती है।
विज्ञापन