आईएएस अमृत अभिजात कौन हैं? जानिए 1995 बैच के वरिष्ठ अधिकारी की शिक्षा, प्रशासनिक करियर और पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य, परिवहन व UPSRTC से जुड़ी जिम्मेदारियों के बारे में।

उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर 2026 को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी थमाई गई। इस फेरबदल के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हें उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी UPSRTC के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे पहले उन्हें परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। अमृत अभिजात उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासन में लंबे अनुभव के साथ उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। आइए जानते हैं कौन हैं अमृत अभिजात और कैसा रहा है उनका प्रशासनिक सफर।
अमृत अभिजात उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उनका जन्म 21 जून 1968 को हुआ था। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश सरकार में अपर मुख्य सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उन्हें 18 सितंबर 2025 से पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग में अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। अमृत अभिजात का प्रशासनिक करियर काफी लंबा रहा है। अपने सेवा कार्यकाल के दौरान उन्होंने अलग-अलग स्तरों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके अनुभव में जिले से लेकर मंडल और शासन स्तर तक की जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
अमृत अभिजात ने इतिहास में पोस्टग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू से ग्रामीण विकास में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। उनके पास पर्यावरण कानूनों में भी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा है। शिक्षा के स्तर पर इतिहास, ग्रामीण विकास और पर्यावरण कानून जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी पढ़ाई उनके शैक्षणिक प्रोफाइल का हिस्सा रही है।
आईएएस अधिकारी के तौर पर अमृत अभिजात ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उनके पिछले पदों में प्रमुख सचिव, संयुक्त सचिव, सचिव, निदेशक और मंडलायुक्त जैसी जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने जिलाधिकारी, जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर भी काम किया है। इस तरह उनके प्रशासनिक अनुभव में जिला प्रशासन से लेकर शासन और विभागीय स्तर तक की जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
अमृत अभिजात को 18 सितंबर 2025 से उत्तर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग में अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई। इन विभागों से जुड़े काम में प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक एवं धर्मार्थ कार्यों से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में बड़े धार्मिक आयोजनों के आयोजन और प्रबंधन से जुड़े प्रशासनिक कामों में भी अमृत अभिजात की भूमिका रही है। यही वजह है कि उनका प्रशासनिक अनुभव पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े विभागों में भी महत्वपूर्ण रहा है।
अमृत अभिजात की जिम्मेदारियों में परिवहन विभाग भी शामिल हो गया है। उन्हें परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार पहले ही सौंपा गया था। अब 30 सितंबर 2026 के प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी UPSRTC के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। UPSRTC उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख संस्था है। ऐसे में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य के साथ परिवहन विभाग और UPSRTC की जिम्मेदारी मिलने से अमृत अभिजात के पास कई महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व है।
अमृत अभिजात का प्रशासनिक सफर करीब तीन दशक से ज्यादा का रहा है। 1995 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और मंडल स्तर पर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं। जिलाधिकारी और मंडलायुक्त जैसे पदों पर काम करने के साथ उन्होंने सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी जिम्मेदारियां संभाली हैं। 30 सितंबर 2026 को मिली नई जिम्मेदारियों के बाद उनके वर्तमान दायित्वों का दायरा और बढ़ गया है। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य के साथ परिवहन विभाग और UPSRTC की जिम्मेदारी उनके मौजूदा प्रशासनिक प्रोफाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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