IAS बाबूलाल मीणा कौन हैं? जानिए 1991 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ अधिकारी का प्रशासनिक सफर, शिक्षा, प्रमुख पद और राजस्व परिषद के नए अध्यक्ष के रूप में मिली जिम्मेदारी।

उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर 2026 को एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया, जिसमें प्रदेश के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी के तहत उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बाबूलाल मीणा को उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 1991 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी बाबूलाल मीणा लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी हैं। राजस्व परिषद के अध्यक्ष की नई जिम्मेदारी के साथ वह अपर मुख्य सचिव, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम विभाग और विभागाध्यक्ष, खाद्य प्रसंस्करण का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं बाबूलाल मीणा और कैसा रहा है उनका अब तक का प्रशासनिक सफर।
बाबूलाल मीणा 1991 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वह संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सीधे आईएएस सेवा में आए थे। उनका मूल राज्य राजस्थान है। प्रशासनिक सेवा में करीब 35 वर्षों के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उपलब्ध आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार बाबूलाल मीणा का जन्म 15 अप्रैल 1968 को हुआ था। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है। इसके अलावा उनके पास पब्लिक मैनेजमेंट एंड पॉलिसी में मास्टर डिग्री भी है। उनके प्रोफाइल में लॉ का सर्टिफिकेट भी दर्ज है।
30 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बाबूलाल मीणा को राजस्व परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया। यह जिम्मेदारी मिलने के बाद वह प्रदेश की राजस्व व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकारी आदेश के अनुसार राजस्व परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी के साथ बाबूलाल मीणा के पास उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम विभाग के अपर मुख्य सचिव और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विभागाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। यानी नई जिम्मेदारी मिलने के बावजूद उनके पास पहले से मौजूद इन विभागों की जिम्मेदारियां भी बनी रहेंगी।
राजस्व परिषद का अध्यक्ष बनाए जाने से पहले बाबूलाल मीणा उत्तर प्रदेश सरकार में उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वह सितंबर 2026 में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले उपलब्ध प्रोफाइल में उन्हें उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव के तौर पर भी दर्ज किया गया है। वह 27 फरवरी 2024 से इस विभाग में प्रमुख सचिव के तौर पर कार्यरत रहे हैं।
बाबूलाल मीणा का प्रशासनिक करियर काफी लंबा रहा है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने अपने करियर में करीब 30 अलग-अलग पदों पर काम किया है और उनकी पोस्टिंग करीब 12 अलग-अलग स्थानों पर रही है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने प्रमुख सचिव, सचिव, संयुक्त सचिव, विशेष सचिव और विशेष कार्याधिकारी जैसे पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। इसके अलावा वह अध्यक्ष, निदेशक, रजिस्ट्रार और प्रबंध निदेशक जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। जिला स्तर पर भी बाबूलाल मीणा ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके करियर में जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी और सहायक कलेक्टर जैसे पदों पर काम करने का अनुभव भी दर्ज है।
बाबूलाल मीणा ने उत्तर प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह सहकारी समितियों, पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे विभागों में प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग में सचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं। अलग-अलग विभागों में काम करने के दौरान उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अनुभव मिला।
बाबूलाल मीणा का प्रशासनिक अनुभव केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा है। वह केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भी काम कर चुके हैं। बता दें कि उन्होंने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में भी जिम्मेदारी संभाली है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर काम करने का उनका अनुभव उनके लंबे प्रशासनिक करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अब बाबूलाल मीणा को उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। 1991 बैच के इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के पास लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ राज्य और केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में काम करने का अनुभव है। 30 सितंबर 2026 के प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी मिली है। इसके साथ ही उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम विभाग तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग से जुड़े उनके मौजूदा प्रभार भी अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर जारी रहेंगे।
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