IAS अधिकारी दिव्यांशु पटेल को बागपत का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। जानिए कौन हैं दिव्यांशु पटेल, उनकी शिक्षा, IAS करियर, मुरादाबाद में काम और उन्नाव से जुड़ा पुराना विवाद।

उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल में 14 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिले बागपत की कमान अब आईएएस अधिकारी दिव्यांशु पटेल को सौंपी गई है। इससे पहले दिव्यांशु पटेल मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त के पद पर तैनात थे। दिव्यांशु पटेल के बागपत के जिलाधिकारी बनने की खबर सामने आते ही उनके प्रशासनिक करियर, मुरादाबाद में किए गए काम और वर्ष 2021 के उन्नाव प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर पुरानी चर्चाएं भी फिर सामने आने लगी हैं। ऐसे में जानना महत्वपूर्ण है कि आखिर कौन हैं दिव्यांशु पटेल और उनका अब तक का प्रशासनिक सफर कैसा रहा है।
आपको बता दें कि दिव्यांशु पटेल 2017 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में रही है। 2017 में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने से पहले उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से एमफिल किया था। साल 2017 सिविल सेवा परीक्षा में 204वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की।
बागपत की नई जिम्मेदारी मिलने से पहले दिव्यांशु पटेल करीब ढाई साल तक मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त रहे। उन्होंने 29 जनवरी 2024 को मुरादाबाद जिले में नगर आयुक्त का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में संविधान-साहित्य पार्क, वार म्यूजियम, खेलो इंडिया पार्क, श्रीराम वाटिका और हनुमान वाटिका जैसी परियोजनाओं पर काम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार वह सुबह करीब 5 बजे शहर की सफाई व्यवस्था देखने निकलते थे और अधिकारियों-कर्मचारियों की मॉनिटरिंग के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल करते थे। इसी रिपोर्ट में मुरादाबाद की स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में सुधार हुआ।
मुरादाबाद में दिव्यांशु पटेल के कार्यकाल से जुड़ी चर्चित परियोजनाओं में संविधान-साहित्य पार्क भी शामिल है। पार्क में संविधान की प्रस्तावना, डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, संविधान सभा से जुड़े चित्र, एलईडी स्क्रीन और हाईटेक साउंड सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं बनाई गईं। साहित्यकारों से जुड़े स्मृति-स्थल भी पार्क का हिस्सा हैं। इसके अलावा नया मुरादाबाद क्षेत्र में वार मेमोरियल म्यूजियम विकसित करने की योजना भी उनके नगर आयुक्त रहते सामने आई। प्रस्तावित म्यूजियम में 1947 के बाद देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों की स्मृतियों को प्रदर्शित करने की योजना बताई गई थी।
दिव्यांशु पटेल उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर भी तैनात रहे हैं। वर्ष 2021 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव की कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। उस समय मीडिया रिपोर्टों में पत्रकार कृष्णा तिवारी के साथ मारपीट का आरोप और मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी प्रकाशित हुई थी।
2021 में इस विवाद के दौरान दिव्यांशु पटेल का JNU के दिनों का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार उस वीडियो में वह सिविल सेवा में जाने के बाद समाज के प्रति जिम्मेदारी और अधिकारी के बजाय सेवाभाव के साथ काम करने की बात करते दिखाई दिए थे।
बागपत पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। यहां प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ किसान समस्याएं, विकास कार्य, सड़क एवं यातायात व्यवस्था, औद्योगिक गतिविधियां, राजस्व मामले और बुनियादी नागरिक सुविधाएं महत्वपूर्ण विषय रहेंगे। दिव्यांशु पटेल को मुरादाबाद में नगर निगम स्तर पर काम करने के बाद पहली बार जिले के जिलाधिकारी के रूप में पूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली है। वहीं बागपत की पूर्व जिलाधिकारी अस्मिता लाल को विशेष सचिव, निदेशक एवं प्रबंध निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जनवरी 2025 में बागपत के जिलाधिकारी का पद संभाला था और करीब एक साल आठ महीने तक जिले में रहीं।
सोमवार देर रात हुए फेरबदल में मुरादाबाद, हरदोई, एटा, कुशीनगर, कानपुर नगर, संतकबीरनगर, पीलीभीत, बलिया, अमेठी, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर समेत 14 जिलों में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। मुरादाबाद नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को बागपत भेजा गया है। बागपत में दिव्यांशु पटेल की नई पारी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक गतिविधियों में खास तौर पर नजर में रहेगी।
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