आईपीएस संजय कुमार कौन हैं? जानिए उनका जन्म, शिक्षा, आजमगढ़ से जुड़ा पारिवारिक परिचय, पुलिस सेवा का सफर, मुजफ्फरनगर के एसएसपी पद से प्रयागराज की 04वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक बनने तक की पूरी जानकारी।

उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर 2026 को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया था। जिसमें प्रदेश के 20 आईपीएस अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया। इसी फेरबदल में मुजफ्फरनगर के SSP संजय कुमार को भी नई तैनाती मिली है। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पद पर तैनात IPS संजय कुमार को अब प्रयागराज में 04वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक (कमांडेंट) की कमान सौंपी गई है। एक जिले की पुलिस की कमान संभालने से लेकर पीएसी की महत्वपूर्ण बटालियन की जिम्मेदारी तक का यह बदलाव उनके करियर का एक नया पड़ाव है। अपनी नई जिम्मेदारी को यह किस तरह से संभालेंगे, इसे समझने के लिए उनके अब तक के सफर को जानना महत्वपूर्ण रहेगा। चलिए जानते हैं कौन हैं उत्तर प्रदेश के चर्चित IPS अधिकारी संजय कुमार और कैसा रहा अब तक का उनका प्रशासनिक सफर।
उत्तर प्रदेश पुलिस में IPS संजय कुमार उन अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी तैनाती में समय-समय पर अलग-अलग जिम्मेदारियां देखने को मिलती हैं। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद से प्रयागराज की 04वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक पद पर उनका स्थानांतरण उनके प्रशासनिक सफर का एक नया अध्याय है। किसी जिले में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने और पीएसी की बटालियन का नेतृत्व करने की भूमिकाएं अलग-अलग तरह की प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ी होती हैं। IPS संजय कुमार को 7 अक्टूबर 2026 को जारी स्थानांतरण में मुजफ्फरनगर से हटाकर प्रयागराज स्थित 04वीं वाहिनी पीएसी में तैनात किया गया है। इस बदलाव के साथ अब उनकी जिम्मेदारी का केंद्र प्रयागराज होगा।
संजय कुमार का उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 14 जुलाई 1970 को हुआ था। उनके पिता का नाम अनंत प्रसाद है। संजय कुमार ने दर्शनशास्त्र विषय में स्नातक यानी बीए की पढ़ाई की है। यह 2014 कैडर के आईपीएस अधिकारी है, हालांकि इनके पुलिस करियर की शुरुआत साल 1997 में हुई थी। मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती संजय कुमार के प्रशासनिक सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
7 अक्टूबर 2026 को हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत संजय कुमार को 04वीं वाहिनी प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी यानी पीएसी, प्रयागराज का सेनानायक नियुक्त किया गया है। इस पद पर उनकी नई तैनाती उन्हें पुलिस प्रशासन की एक अलग जिम्मेदारी से जोड़ती है। पीएसी उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी वाहिनियां जरूरत के अनुसार पुलिस बल की उपलब्धता और विभिन्न सुरक्षा संबंधी ड्यूटी में भूमिका निभाती हैं। ऐसे में किसी वाहिनी के सेनानायक का पद उसके प्रशासनिक नेतृत्व और बल के संचालन से जुड़ा होता है। मुजफ्फरनगर में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में काम करने के बाद प्रयागराज में पीएसी वाहिनी का नेतृत्व करना संजय कुमार के लिए नई जिम्मेदारी होगी। दोनों पदों का कार्यक्षेत्र अलग है। एसएसपी के रूप में जिला पुलिस का नेतृत्व करना और पीएसी वाहिनी के सेनानायक के रूप में उसकी प्रशासनिक व्यवस्था संभालना अलग-अलग प्रकार के दायित्वों से जुड़ा है। ऐसे में IPS संजय कुमार इस जिम्मेदारी को किस तरह से निभाएंगे यह देखने वाली बात होगी।
संजय कुमार को पुलिस विभाग की ओर से प्रशस्ति डिस्क भी मिल चुके हैं। 26 जनवरी 2021 को डीजीएस कमेंडेशन डिस्क सिल्वर और 15 अगस्त 2025 को डीजीएस कमेंडेशन डिस्क गोल्ड से इन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
संजय कुमार की नई तैनाती इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब उनकी जिम्मेदारी जिले की पुलिस व्यवस्था से हटकर पीएसी की एक वाहिनी के नेतृत्व से जुड़ गई है। प्रयागराज में 04वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक के रूप में उन्हें अपनी नई भूमिका के अनुरूप प्रशासनिक दायित्व संभालने होंगे। यह स्थानांतरण उनके करियर में जिम्मेदारी के नए दौर की शुरुआत है। अब संजय कुमार के सामने प्रयागराज में पीएसी वाहिनी के सेनानायक के रूप में अपनी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी। अपनी नई जिम्मेदारी को IPS संजय कुमार किस तरह से निभाते हैं यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल, उत्तर प्रदेश पुलिस में उनकी नई तैनाती ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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