उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 में वाराणसी शिक्षक सीट से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 5,015 मतों से हराया।

UP News : उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 5,015 मतों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। अंतिम परिणाम के अनुसार, लाल बिहारी यादव को 11,612 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में 6,597 मत पड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़ी इस शिक्षक एमएलसी सीट के नतीजे ने प्रदेश की राजनीति में चर्चा को जन्म दिया है। लाल बिहारी यादव ने वर्ष 2020 में भी वाराणसी शिक्षक सीट से जीत हासिल की थी। उस चुनाव में उन्होंने प्रमोद मिश्रा को 936 वोटों से हराया था। इस बार जीत का अंतर पहले के मुकाबले पांच गुने से अधिक रहा। हालांकि, इस परिणाम को पूरे प्रदेश के राजनीतिक रुझान का प्रतिनिधि मानने के बजाय संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे के रूप में देखना उचित होगा। UP News
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लाल बिहारी यादव शिक्षक राजनीति से अपनी पहचान बनाने वाले समाजवादी पार्टी के नेता हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1960 को आजमगढ़ जिले के विशुनपुर गांव में हुआ था। उन्होंने बीए और बीएड की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े और विशेष रूप से वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं तथा शिक्षक समुदाय के अधिकारों को लेकर सक्रिय रहे। शिक्षकों के मानदेय, पुरानी पेंशन की बहाली और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाने के कारण उन्हें शिक्षक राजनीति में पहचान मिली। वर्ष 2020 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव जीतने के बाद वह पहली बार विधान परिषद पहुंचे। UP News
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विधान परिषद पहुंचने के बाद लाल बिहारी यादव को समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2022 में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि, सदन में पार्टी की सदस्य संख्या आवश्यक स्तर से नीचे आने के कारण यह पद समाप्त हो गया था। वर्ष 2024 में सपा की सदस्य संख्या बढ़ने के बाद उन्हें दोबारा नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। इस तरह शिक्षक राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर विधान परिषद में विपक्ष के प्रमुख चेहरे के रूप में सामने आया। उनकी राजनीतिक सक्रियता में शिक्षकों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं। UP News
वर्ष 2020 के चुनाव में लाल बिहारी यादव ने प्रमोद मिश्रा को 936 मतों से हराया था। उस समय प्रमोद मिश्रा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे। वर्ष 2026 के चुनाव में वह भाजपा के उम्मीदवार बने, लेकिन लाल बिहारी यादव ने दोबारा जीत दर्ज की। इस बार पहली वरीयता के मतों की गणना में लाल बिहारी यादव को 10,958 वोट मिले, जबकि डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच शुरुआती अंतर 4,898 वोट का था। निर्धारित जीत के लिए आवश्यक मतों की सीमा पूरी नहीं होने पर दूसरी वरीयता के मतों की गणना की गई। अंतिम परिणाम में लाल बिहारी यादव को 11,612 और प्रमोद मिश्रा को 6,597 वोट मिले। इस तरह जीत का अंतिम अंतर 5,015 मत रहा। UP News
दोबारा एमएलसी चुने जाने के बाद लाल बिहारी यादव ने अपनी जीत का श्रेय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख और शिक्षकों के विश्वास को दर्शाता है। लाल बिहारी यादव के मुताबिक, पुरानी पेंशन की बहाली, मदरसों में शिक्षकों के मानदेय और वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय जैसे सवालों को अखिलेश यादव लगातार उठाते रहे हैं। उन्होंने इन मुद्दों को अपनी जीत से जोड़ते हुए शिक्षक समुदाय की समस्याओं को आगे भी उठाने की बात कही। UP News
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