जौनपुर के नए एसपी डॉ. यशवीर सिंह कौन हैं? जानिए 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी की पूरी प्रोफाइल, शिक्षा, पुलिस करियर, एसपी के तौर पर संभाले जिलों और नई जिम्मेदारी के बारे में।

उत्तर प्रदेश पुलिस में 7 अक्टूबर 2026 को एक साथ 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, इस फेरबदल में 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह भी शामिल हैं, जिन्हें बस्ती के एसपी पद से हटाकर अब जौनपुर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। जौनपुर की कमान संभालने के साथ उनके सामने अपराध नियंत्रण की रफ्तार बनाए रखने, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और थाना स्तर की पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की चुनौती होगी। उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले डॉ. यशवीर सिंह ने पशु चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई से लेकर आईपीएस अधिकारी बनने तक का सफर तय किया है। जालौन से लेकर बस्ती तक कई जिलों में पुलिस कप्तानी संभाल चुके यशवीर सिंह आखिर कैसे अधिकारी हैं और कैसा रहा है उनका अब तक का सफर? आगे जानिए उनकी पूरी प्रोफाइल और करियर की कहानी।
डॉ. यशवीर सिंह 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। मूल रूप से उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले यशवीर सिंह का जन्म 1 जुलाई 1982 को हुआ है। उन्होंने पशु चिकित्सा विज्ञान में बीवीएससी की पढ़ाई की है। पढ़ाई के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा का रास्ता चुना और वर्ष 2013 में आईपीएस के रूप में उनकी भर्ती हुई। पुलिस सेवा में आने के बाद यशवीर सिंह ने अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ अपने करियर को आगे बढ़ाया। ट्रेनिंग के बाद उन्हें एसडीआरएफ में सेनानायक की जिम्मेदारी मिली। फील्ड से जुड़ी इस भूमिका के बाद उनके करियर में वह दौर आया, जब उन्होंने जिलों की पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालनी शुरू की।
आईपीएस बनने के बाद डॉ. यशवीर सिंह का करियर केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने एसडीआरएफ में सेनानायक के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें जिले की पुलिस व्यवस्था को सीधे संभालने का मौका मिला। जालौन में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी मिलने के साथ उनके जिला पुलिसिंग के सफर की शुरुआत हुई। एसपी के तौर पर किसी जिले की कमान संभालना पुलिस अधिकारियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है, क्योंकि अपराध नियंत्रण से लेकर कानून-व्यवस्था और जनता से जुड़े मामलों तक पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली की निगरानी एसपी के स्तर से होती है।
जालौन के बाद डॉ. यशवीर सिंह ने सिद्धार्थनगर और सोनभद्र में भी पुलिस अधीक्षक के तौर पर जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद उन्हें रायबरेली का एसपी बनाया गया। अलग-अलग भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों वाले जिलों में काम करने से उनके फील्ड अनुभव में लगातार इजाफा हुआ। रायबरेली में भी उन्होंने पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद बस्ती जिले में उन्हें पुलिस कप्तान बनाया गया। बस्ती में उनकी जिम्मेदारी के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर रहा। अब बस्ती के बाद उन्हें जौनपुर की कमान सौंपी गई है।
डॉ. यशवीर सिंह को सख्त, अनुशासित और फील्ड में सक्रिय पुलिस अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। उनकी पुलिसिंग में अपराध नियंत्रण के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना अहम रहा है। बस्ती और रायबरेली में एसपी रहते हुए उन्होंने पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। जौनपुर में भी उनसे इसी तरह की सक्रिय पुलिसिंग की उम्मीद की जा रही है। जिले में अपराध पर नियंत्रण बनाए रखने के साथ पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी उनके सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। थाना स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना भी उनकी प्राथमिक चुनौतियों में शामिल रहेगा।
जौनपुर की कमान ऐसे समय में डॉ. यशवीर सिंह को मिली है, जब जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। एक एसपी के तौर पर उनके सामने जिले की पुलिसिंग को बेहतर तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी। उनके पिछले अनुभव को देखते हुए जौनपुर में उनकी फील्ड सक्रियता पर नजर रहेगी। अपराध नियंत्रण की मौजूदा गति को बनाए रखना, पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी बनाना और आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत करना उनके लिए अहम चुनौती होगी।
जिले की कानून-व्यवस्था मजबूत रखने में थाना स्तर की पुलिसिंग की भूमिका सबसे अहम होती है। ऐसे में जौनपुर के नए एसपी के सामने थानों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी होगी। शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई, अपराध पर समय रहते नियंत्रण और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ. यशवीर सिंह के पास कई जिलों में पुलिस कप्तानी का अनुभव है। अब इसी अनुभव का इस्तेमाल जौनपुर की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में कितना प्रभावी रहता है, यह उनके कार्यकाल की दिशा तय करेगा।
डॉ. यशवीर सिंह मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने पशु चिकित्सा विज्ञान में बीवीएससी की शिक्षा हासिल की है। पशु चिकित्सा विज्ञान से पढ़ाई करने के बाद भारतीय पुलिस सेवा में आना उनके करियर की एक खास बात है। वर्ष 2013 में आईपीएस बनने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2017 में उन्हें सीनियर स्केल मिला और वर्ष 2026 में वह सेलेक्शन ग्रेड पर पहुंचे। अब वह जौनपुर के पुलिस अधीक्षक के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
पुलिस सेवा के दौरान डॉ. यशवीर सिंह को विभागीय स्तर पर सम्मान भी मिला है। उन्हें 26 जनवरी 2023 को डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर और 15 अगस्त 2023 को डीजी कमेंडेशन डिस्क गोल्ड से सम्मानित किया गया। कई जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उनके करियर में जौनपुर एक नया पड़ाव है। जौनपुर में उनकी प्राथमिकता अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पुलिसिंग को जनता के लिए और प्रभावी बनाने पर रहेगी।
डॉ. यशवीर सिंह के सामने जौनपुर में एक बड़ी जिम्मेदारी है। बस्ती और उससे पहले कई जिलों में पुलिस कप्तानी का अनुभव अब उनके काम आएगा। जौनपुर में अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस की कार्यशैली को और प्रभावी बनाना, थाना स्तर पर सक्रियता बढ़ाना और जनता के साथ पुलिस का संवाद बेहतर करना उनके लिए अहम होगा। जालौन से शुरू हुआ जिला पुलिसिंग का सफर अब जौनपुर तक पहुंच गया है। अलग-अलग जिलों में पुलिस कप्तान की भूमिका निभाने के बाद डॉ. यशवीर सिंह के लिए जौनपुर एक नई चुनौती है। अब देखना होगा कि अपने अनुभव, अनुशासन और फील्ड पुलिसिंग के अंदाज के साथ वह जौनपुर की कानून-व्यवस्था को किस तरह नई दिशा देते हैं।
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