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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले अभी कुछ महीने बाकी हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले अभी कुछ महीने बाकी हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। देवरिया दौरे के बाद मुख्यमंत्री का पूर्व सांसद और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पर अचानक पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। खासतौर पर इसे पूर्वांचल में ब्राह्मण समाज को संदेश देने और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। UP News
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को देवरिया में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वह गोरखपुर लौट रहे थे, तब उन्होंने अचानक पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। यह मुलाकात पूर्व निर्धारित नहीं मानी जा रही है, इसलिए इसके राजनीतिक संकेतों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुलाकात की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं हो सकती। इसकी टाइमिंग भी खास मानी जा रही है क्योंकि समाजवादी पार्टी जल्द ही जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर बड़े ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है। ऐसे में भाजपा की ओर से भी ब्राह्मण समाज के प्रभावशाली चेहरों से संवाद बढ़ाने की रणनीति के तौर पर इस मुलाकात को देखा जा रहा है। हाल के महीनों में प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण मतदाताओं को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री का यह कदम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UP News
श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी का परिवार लंबे समय से पूर्वांचल, विशेषकर देवरिया और आसपास के क्षेत्रों में सम्मानित और प्रभावशाली माना जाता है। सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1996 तथा 1999 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर देवरिया से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने। उन्हें देवरिया से भाजपा का पहला सांसद बनने का गौरव भी प्राप्त है। परिवार की राजनीतिक और सामाजिक पकड़ को देखते हुए भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मौजूदा सांसद का टिकट बदलते हुए शशांक मणि त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया था। पार्टी का यह फैसला सफल रहा और उन्होंने सीट जीतकर भाजपा का भरोसा कायम रखा। UP News
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पिछले करीब एक महीने के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरी बार देवरिया पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने जिले को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। पहले दौरे में कई विधानसभा क्षेत्रों के लिए 655 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था, जबकि हालिया दौरे में बरहज और रुद्रपुर क्षेत्र के लिए लगभग 456 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री के लगातार दौरों को भाजपा की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। UP News
देवरिया जिला भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जिले की सभी सातों सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। इससे पहले 2017 में भी भाजपा ने सात में से छह सीटों पर कब्जा किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों में ब्राह्मण मतदाताओं का समर्थन भाजपा की बड़ी ताकत रहा। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री की यह मुलाकात सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। UP News,
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