कौन हैं विद्यासागर सोनकर, जिनके नाम ने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सियासत में अचानक हलचल बढ़ा दी ? BJP ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों की घोषणा की तो इनमें विद्यासागर सोनकर का नाम भी सामने आया। लेकिन सवाल यह है कि पार्टी ने सोनकर पर ही भरोसा क्यों जताया ?

UP News : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर अब तेजी से साफ होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने यूपी कोटे की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में अपने आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। इन नामों में विद्यासागर सोनकर का नाम खास तौर पर चर्चा में है। पूर्व सांसद और भाजपा के पुराने संगठनात्मक चेहरे सोनकर को पार्टी ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के उच्च सदन तक पहुंचाने के लिए प्रत्याशी बनाया है। जौनपुर से निकलकर संगठन में बूथ स्तर से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले सोनकर लोकसभा सदस्य, पार्टी जिलाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। UP News
विद्यासागर सोनकर का जन्म 21 जुलाई 1961 को जौनपुर के सुखीपुर में हुआ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनके पिता का नाम बिमल चंद्र सोनकर है। सोनकर ने एमए, बीएड और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है तथा उनका पेशा अधिवक्ता, कृषक और राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में दर्ज है। उनका राजनीतिक जुड़ाव छात्र जीवन के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुआ। इसके बाद उन्होंने भाजपा के संगठन में बूथ स्तर से काम शुरू किया। धीरे-धीरे संगठन में जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और स्थानीय राजनीति से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी जगह बनाई। UP News
विद्यासागर सोनकर ने जौनपुर नगर की राजनीति से अपनी शुरुआत की। उपलब्ध जीवनी संबंधी रिकॉर्ड के अनुसार वे 1989 से 1994 के बीच जौनपुर नगर पालिका के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 में उन्होंने सैदपुर (अनुसूचित जाति) लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर 11वीं लोकसभा में प्रवेश किया। 1996 का चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। आधिकारिक जीवनी रिकॉर्ड के मुताबिक उस चुनाव में सोनकर को 1,96,624 वोट मिले और उन्होंने सैदपुर सीट से जीत दर्ज की। UP News
सांसद बनने के बाद भी सोनकर का संगठन से जुड़ाव बना रहा। वर्ष 2000 में वे भाजपा के जौनपुर जिलाध्यक्ष रहे। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के अनुसूचित मोर्चे, युवा मोर्चे और काशी तथा गोरखपुर क्षेत्र के संगठन में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। यही लंबा संगठनात्मक अनुभव उनकी राजनीतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। भाजपा के संगठन में बूथ स्तर से लेकर विभिन्न जिम्मेदारियों तक काम करने के कारण उनका नाम पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक चेहरों में गिना जाता रहा है। UP News
विद्यासागर सोनकर के राजनीतिक सफर में चुनावी उतार-चढ़ाव भी आए। 2009 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। 2017 के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद भेजा गया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि चुनावी राजनीति में सफलता और असफलता के बीच उनका संगठनात्मक जुड़ाव लगातार बना रहा। UP News
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक प्रोफाइल में विद्यासागर सोनकर को भाजपा से जुड़े सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है। उनकी शैक्षिक योग्यता में एमए, बीएड और एलएलबी शामिल हैं। आधिकारिक प्रोफाइल में उनका स्थायी पता जौनपुर के सुखीपुर का दर्ज है। अब भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इससे उनके राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भाजपा की ओर से घोषित आठ नामों में सोनकर का शामिल होना पार्टी के संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं को दिए गए प्रतिनिधित्व के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं और एक सीट के लिए जीत का कोटा मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर निर्धारित होता है। भाजपा ने फिलहाल आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी की सूची में संगठन, क्षेत्र और सामाजिक प्रतिनिधित्व के अलग-अलग चेहरे शामिल हैं। वहीं राज्यसभा चुनाव की अंतिम तस्वीर नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। UP News
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