क्यों राहुल गांधी ने वायनाड छोड़ रायबरेली चुना,2027 के लिए बड़ा प्लान
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 08:11 PM
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29 Nov 2025 08:11 PM
UP News : 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय गठबंधन की शानदार जीत के बाद, यूपी की राजनीति में बड़ी उलझन उत्पन्न हुई है। कांग्रेस ने इस जीत के बाद यूपी में अपनी गतिविधियों को बढ़ाया है। राहुल गांधी ने वायनाड से इस्तीफा देकर रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला किया है। उनका यह कदम यूपी में कांग्रेस को मजबूत करने के साथ-साथ बीजेपी को भी कड़ी चुनौती देने का संकेत है। इस निर्णय से साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने यूपी में बीजेपी को कड़ी चुनौती देने का इरादा किया है। यह एक रणनीतिक चुनौती भी है जो राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी द्वारा उठाई गई है।
यूपी में कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता
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कांग्रेस पार्टी की यूपी में सक्रियता बढ़ी है, जिसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार ने यूपी में विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभाई। प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान की अपील की और इससे सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन की उम्मद है। राहुल गांधी ने रायबरेली का चुनावी मैदान चुना है, जो गांधी परिवार के लिए एक ऐतिहासिक सीट रही है। इस सीट से गांधी परिवार ने 1952 से ही जीत दर्ज की है और इसे राजनीतिक विरासत के रूप में संजोया है। यह फैसला भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और यूपी में बीजेपी को मजबूती से पार करने का प्रयास करेगा।
2004 से सोनिया ने संभाली रायबरेली की कमान
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रायबरेली से गांधी परिवार 1952 से जीतता आ रहा। राहुल के दादा फिरोज गांधी, दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी पहले भी इस सीट से सांसद रह चुके हैं। इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी ने 1952 में पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी। इंदिरा गांधी ने 1967 से 1977 के बीच 10 साल तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। इस के बाद से गांधी परिवार के वफादार अरुण नेहरू, शीला कौल और कैप्टन सतीश शर्मा ने 2004 तक रायबरेली से जीत हासिल की। इनके बाद सोनिया गांधी यहां से लड़ती रहीं और 2019 तक यहीं से सांसद रहीं। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में सोनिया ने इस सीट को राहुल के जिम्मे सौंपकर यहां से प्रतिधिनित्व करने का मौका दिया।