गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला डॉक्टर ने अपने एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग, हत्या के प्रयास और बिना तलाक दूसरी शादी करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है।

UP News : उत्तर प्रदेश से महिला उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला डॉक्टर ने अपने एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग, हत्या के प्रयास और बिना तलाक दूसरी शादी करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। UP News
महिला डॉक्टर के अनुसार उनकी शादी 29 नवंबर 2019 को छत्तीसगढ़ निवासी एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉक्टर से हुई थी। उनका कहना है कि शादी में उनके परिवार ने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने दहेज में फॉर्च्यूनर कार की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। UP News
पीड़िता का आरोप है कि पति कई बार कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देता था। बेहोशी की हालत में उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। महिला डॉक्टर का कहना है कि परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उनके माता-पिता ने 28 मार्च 2022 को फॉर्च्यूनर कार खरीदने के नाम पर 32.50 लाख रुपये ससुराल पक्ष को दिए। इसके बावजूद प्रताड़ना का सिलसिला नहीं रुका। पीड़िता ने बताया कि 14 अप्रैल 2022 को उन्होंने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद भी उनके साथ व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता रहा। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनके पति ने बिना वैधानिक तलाक लिए एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत एक अन्य महिला डॉक्टर से विवाह कर लिया। UP News
महिला डॉक्टर की शिकायत के आधार पर शाहपुर पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, हत्या के प्रयास, बिना तलाक दूसरी शादी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि एक शिक्षित और पेशेवर महिला भी इस तरह के आरोप लगाने को मजबूर हो रही है, तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। UP News
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