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UP News: पुलिस ने लड़की की लाश बरामद कर ली लेकिन शिनाख्त न होने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

UP News: कानपुर में बर्रा थाना क्षेत्र से बीती 21 मई को अगवा हुई युवती के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि लडकी की हत्या उसी दिन स्कार्पियो कार में गला घोंटकर कर दी गई। उन्नाव के हॉस्पिटल संचालक देवकांत उत्तम पर हत्या का आरोप है।
देवकांत ने कथित तौर पर युवती को मिलने के बहाने बर्रा हाईवे पर बुलाया था। हत्या करने के बाद वह कार से उतर गया था। देवकांत के भतीजे और उसके हॉस्पिटल के गार्ड अजीत सिंह ने उसी रात बुलंदशहर के एक आम के गांव में लड़की के न्यूड शव को फेंक दिया। लड़की की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक मुख्यारोपी देवकांत पहले ही सरेंडर कर चुका है। भतीजे विवेक को पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को वारदात का खुलासा किया। फरार गार्ड की तलाश की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि लड़की अपनी मां के साथ कानपुर में रहकर दरोगा भर्ती की तैयारी कर रही थी। 10 फरवरी 2024 को वह उन्नाव आई थी। यहां उसकी तबीयत खराब हो गई। वह दवा लेने के लिए शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल पहुंची। यहां उसकी अस्पताल संचालक देवकांत से मुलाकात हुई। देवकांत ने उसका नंबर ले लिया और फिर लड़की को फोन करने लगा। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और शारीरिक संबंध भी स्थापित हो गए। देवकांत ने लड़की के कई अश्लील फोटो वीडियो भी बना लिए।
इसी बीच लड़की गर्भवती हो गई। देवकांत ने उसका गर्भपात करा दिया। लड़की ने आरोपी से शादी करने को कहा, तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद लड़की ने उससे मिलना-जुलना कम कर दिया।
आरोपी ने लड़की को उसके न्यूड फोटो दिखाकर धमकी दी कि अगर वह दूर गई तो फोटो-वीडियो वायरल कर देगा। धमकी से परेशान लड़की ने 19 मई को उन्नाव की सदर कोतवाली में हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई।
इसी से नाराज होकर देवकांत ने लड़की की हत्या की साजिश रची।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
21 मई को आरोपी ने लड़की को मिलने के लिए बर्रा बाइपास बुलाया। उसके साथ उसका भतीजा विवेक पटेल भी था। दोनों स्कॉर्पियों में सवार थे। लड़की जैसे ही स्कॉर्पियो में बैठी, देवकांत ने कथित तौर पर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। देवकांत अपने एक अन्य निर्माणाधीन अस्पताल उतर गया। विवेक और अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह शव को लेकर गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते बुलंदशहर चले गए। दोनों 22 मई की रात आरोपी जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अनूपशहर हाईवे से थोड़ी दूरी पर आम के बाग में पहुंचे। युवती की पहचान छिपाने के लिए उसके कपड़े उतारकर शव को बाग में फेंक दिया। 23 मई को बुलंदशहर पुलिस को शव मिला। शिनाख्त न होने पर पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने 24 मई को अंतिम संस्कार करा दिया।
कैसे पकड़ में आए आरोपी?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लड़की जब घर नहीं पहुंची मां ने बर्रा थाने में आरोपी हॉस्पिटल संचालक और उसके भतीजे के खिलाफ बेटी के अपहरण और हत्या की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद शुरू हुई केस की जांच।
आरोपी विवेक पटेल ने 28 मई को उसने खुद के पेट में सूजा मार लिया। ऐसा उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए किया। 30 मई को अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस लड़की की मां और आरोपी को लेकर बुलंदशहर पहुंची।
वहां पुलिस ने लड़की की डेडबॉडी की फोटो दिखाई। मां ने कलावा और नाक की कील से बेटी की पहचान की।
मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम ने भी सोमवार को बर्रा थाने में सरेंडर कर दिया। इससे पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें खुद को निर्दोष बताया। उसकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि लड़की गलत थी लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसे ऐेठती थी।
मृतका ने एक प्रॉपर्टी डीलर पर भी दर्ज कराया था केस
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका ने 19 मई को कानपुर देहात के अकबरपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर अजय सेंगर के खिलाफ काकोरी थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 7 जनवरी 2025 को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 8 जनवरी को अजय सेंगर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और वह तब से जेल में बंद था। UP News
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