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UP News : उत्तर प्रदेश की इस फर्जी महिला IAS अधिकारी ने अपने गिरोह की पोल खुलने के डर से अपनी सगी बहनों को ही गिरोह का सदस्य बना रखा था।

UP News : उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर अफसर बनकर घूमने वाली एक महिला फर्जी IAS अधिकारी निकली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस फर्जी महिला IAS अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस उस समय दंग रह गई जब पता चला कि फर्जी IAS अधिकारी ने लोगों को ठगने के लिए एक पूरा गिरोह बना रखा है। उत्तर प्रदेश की इस फर्जी महिला IAS अधिकारी ने अपने गिरोह की पोल खुलने के डर से अपनी सगी बहनों को ही गिरोह का सदस्य बना रखा था।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है फर्जी IAS अधिकारी का मामला
फर्जी महिला IAS अधिकारी का यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है। उत्तर प्रदेश के किला थाना क्षेत्र में रहने वाले मुसाहिद नामक युवक ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक महिला IAS अधिकारी ने नौकरी दिलवाने के नाम पर उससे 5 लाख 21 हजार रूपए वसूल लिए। वसूली के बाद ना तो नौकरी मिल रही है और ना ही पैसा वापस मिल रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर छानबीन की गई तो पूरा मामला सामने आ गया। छानबीन में पता चला कि अपने आप को IAS अधिकारी बताने वाली महिला का नाम विप्रा है। यह भीपता चला कि विप्रा कोई IAS अधिकारी नहीं बल्कि ठगी का एक गिरोह चलाने वाली महिला है। उत्तर प्रदेश पुलिस विप्रा तथा उसके साथियों को गिरफ्तार करके पूछताछ कर रही है। UP News
फर्जी IAS अधिकारी बनकर बना रखा था पूरा गिरोह
उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में पता चला है कि अपने आपको उत्तर प्रदेश की IAS अधिकारी बताने वाली विप्रा ने ठगी का एक गिरोह बना रखा था। उत्तर प्रदेश पुलिस को यह भी पता चला है कि विप्रा अकेले यह खेल नहीं खेल रही थी। उसकी बहन शिखा शर्मा भी इस फर्जीवाड़े में शामिल थी। बाद में दूसरी बहन दीक्षा और एक अन्य रिश्तेदार भी शामिल हो गई। तीनों मिलकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे। बरेली के SSP पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक विप्रा इस गिरोह की मास्टरमाइंड थी। वह खुद को कभी PCS अधिकारी, कभी IAS और कभी ADM बताती थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विप्रा, शिखा और दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक लग्जरी कार बरामद हुई, जिस पर 'ADM' लिखा हुआ था। इसके अलावा 10 से अधिक चेकबुक, दो लैपटॉप, कई मोबाइल फोन और विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 55 लाख रुपये का पता चला। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करा दिया है। आरोपियों के पास से साढ़े 4 लाख रुपये कैश भी मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया। तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और जांच की जा रही है। UP News
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