पूर्व मंत्री के घर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थानीय और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। आखिर तेरहवीं भोज से पहले ऐसा क्या हुआ कि पूर्व मंत्री को घर में ही रोक दिया गया? जानिए पूरे घटनाक्रम की पूरी कहानी।

UP News : विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश में बुधवार को एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई। पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह को पुलिस ने उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। बताया जा रहा है कि वह विनोद साहनी के तेरही भोज में शामिल होने के लिए जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उनके घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। सुबह करीब छह बजे से ही पूर्व मंत्री के आवास के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिसकर्मियों की लगातार मौजूदगी से इलाके में छावनी जैसा माहौल नजर आया। आवास के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी गई। UP News
सुबह करीब छह बजे से पूर्व मंत्री के आवास के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के चलते इलाके में सुरक्षा कड़ी दिखाई दी। आवास के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर भी पुलिस की नजर रही। पुलिस ने कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूर्व मंत्री की गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखी। विनोद साहनी की 9 सितंबर को हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध का दौर जारी है। बुधवार को विनोद साहनी के तेरही भोज में शामिल होने के लिए पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह के जाने की सूचना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उनके आवास के बाहर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया। UP News
पूर्व मंत्री के आवास के बाहर सुबह से ही पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। पुलिस की मौजूदगी के कारण इलाके में लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई। इस दौरान पूर्व मंत्री को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और अपने बयान में सरकार तथा विपक्ष को लेकर भी कई मुद्दे उठाए। UP News
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