मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे सभी नागरिकों की समस्याओं के समाधान का त्वरित आदेश जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याएं ब्लॉक, तहसील तथा जिला स्तर पर ही हल हो जानी चाहिए।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को संकट मोचक की भूमिका में नजर आए। मंगलवार को गोरखपुर में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान CM योगी की संकट मोचक की छरि हर किसी को पसन्द आई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश के किसी भी नागरिक का पैसों की कमी के कारण ईलाज नहीं रूकने दिया जाएगा।
मंगलवार की सुबह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान CM योगी ने बड़ी संख्या में नागरिकों की समस्याएं सुनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वाधिक ध्यान गंभीर बीमारियों से पीडि़त नागरिकों की तरफ दिया। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे सभी नागरिकों की समस्याओं के समाधान का त्वरित आदेश जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याएं ब्लॉक, तहसील तथा जिला स्तर पर ही हल हो जानी चाहिए। इस बात की नौबत ही नहीं आनी चाहिए कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को अपनी समस्या लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास तक आना पड़े।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन के कार्यक्रम में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त नागरिक भी आए थे। मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में एक नागरिक ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है? जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए। इलाज रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी। साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो। उन्होंने कहा कोई भी पीडि़त दोबारा भटकने को मजबूर न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं। मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए। अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है। खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है। जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो। UP News