बीएसपी प्रमुख मायावती ने जहां उत्तर प्रदेश सरकार की तारीफ की वहीं समाजवादी पार्टी की तीखी आलोचना की।

UP News; बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संत रविदास नगर जिले का नाम बहाल करने पर आभार जताया है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि बसपा शासनकाल में महापुरुषों के नाम पर बनाए गए अन्य जिलों के मूल नाम भी जल्द बहाल किए जाएं।
मायावती ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि उनकी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई नए जिले, तहसील, विकास खंड, पुलिस जोन और रेंज बनाए थे। इनमें कई जिलों का नाम दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग के महान संतों, गुरुओं तथा महापुरुषों के नाम पर रखा गया था। संत रविदास नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर और भीम नगर इसी सोच का हिस्सा थे।
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने संकीर्ण जातिवादी मानसिकता और राजनीतिक द्वेष के कारण इन जिलों के नाम बदल दिए। ब्रज क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कासगंज को जिला बनाकर उसका नाम बसपा संस्थापक कांशीराम के नाम पर कांशीराम नगर रखा गया था, जिसे बाद में बदल दिया गया।
मायावती ने इसे पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी सोच का परिचायक बताया।उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार से अपील की कि संत रविदास नगर की तरह कांशीराम नगर सहित अन्य जिलों के पुराने नाम भी बहाल किए जाएं। अगर यह फैसला 9 अक्टूबर को कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस से पहले या उसी दिन लिया जाता है, तो पार्टी सरकार की आभारी रहेगी।
यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है, जब बसपा दलित महापुरुषों की विरासत और सामाजिक सम्मान के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
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