पीलीभीत के एक गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही माहौल कुछ ऐसा नजर आया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। रामकथा के मंच से मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कई अहम संदेश दिए। आखिर इस आयोजन में ऐसा क्या खास रहा। पढ़े पूरी खबर।

UP News:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पीलीभीत जिले के दौरे पर पहुंचे। यहां बीसलपुर तहसील क्षेत्र के गांव नूरानपुर स्थित गौरक्ष पीठ आश्रम में आयोजित रामकथा कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत की। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 12 बजे हेलीकॉप्टर से शिव मंदिर के पास बनाए गए हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह कार के जरिए रामकथा मंच तक पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जाहिर की। UP News
रामकथा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पिछले बरेली दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह पिछली बार बरेली आए थे, तब उनके मन में यह सवाल था कि इतनी दूर गांव में आयोजित होने वाला कार्यक्रम सफल हो पाएगा या नहीं। हालांकि, आज यहां लोगों की भारी उपस्थिति देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। UP News
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मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता पर भी विचार रखे। उन्होंने दुनिया के करीब 200 देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर देश की अपनी उपलब्धियां और समस्याएं हैं। भारत और चीन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शामिल हैं, लेकिन भारत की विशेषता उसकी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के बावजूद लोगों के बीच एक समान भाव होना है। उन्होंने कहा कि भारत में अनगिनत बोलियां और भाषाएं होने के बावजूद हर नागरिक के मन में एक भाव है। इसका प्रमुख कारण देश की अटूट आस्था है। यही आस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत है और देश को एक सूत्र में बांधकर रखती है। UP News
मुख्यमंत्री ने रामकथा और रामलीला की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पीछे हजारों वर्षों का इतिहास और सांस्कृतिक विरासत जुड़ी हुई है। पंडित राधेश्याम की रामायण ने इस परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भी लोग इस विरासत को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में संबोधन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद वह कार से हेलीपैड पहुंचे और हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। UP News
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