उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि जिन जगहों पर ये श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है और कई स्थानों पर बंकर/सेफ शेल्टर जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।

UP News : मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने उत्तर प्रदेश के हजारों घरों की धड़कनें तेज कर दी हैं। इजराइल में काम कर रहे प्रदेश के 6,000 से अधिक श्रमिकों को लेकर परिजन हर पल अपडेट तलाश रहे हैं। हालांकि योगी सरकार का कहना है कि वहां मौजूद उत्तर प्रदेश के सभी श्रमिक फिलहाल सुरक्षित हैं और उनकी कुशलक्षेम पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक कर प्रशासन को अलर्ट मोड में रखा है, ताकि जरूरत पड़ते ही त्वरित मदद सुनिश्चित की जा सके।
उत्तर प्रदेश सरकार ने परिजनों की चिंता को देखते हुए 24x7 हेल्पलाइन सक्रिय की है, ताकि जरूरत पड़ने पर परिवार सीधे संपर्क कर सकें और उन्हें आधिकारिक जानकारी मिल सके। प्रशासन का कहना है कि तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय बढ़ाया गया है और वहां मौजूद श्रमिकों से जुड़ा डेटा लगातार अपडेट किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही हर जिले के प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जिन परिवारों के सदस्य इजराइल में हैं, उनसे नियमित संपर्क बनाए रखें और अफवाहों से बचाएं। सरकारी जानकारी के मुताबिक इजराइल में काम कर रहे ये श्रमिक वर्ष 2024 में भारत सरकार के सहयोग से चयनित होकर वहां पहुंचे थे। चयन प्रक्रिया NSDC और इजराइल की PIBA के माध्यम से हुई थी। निर्माण क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की मांग के अनुसार इन्हें अलग-अलग परियोजनाओं में तैनात किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि जिन जगहों पर ये श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है और कई स्थानों पर बंकर/सेफ शेल्टर जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिका-इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान की प्रतिक्रिया जैसी खबरों ने तनाव की आशंका को और गहरा किया है। ऐसे में इजराइल और आसपास के देशों में मौजूद विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार के साथ-साथ राज्यों की सतर्कता भी बढ़ गई है।
मध्य-पूर्व के घटनाक्रम का असर उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिख रहा है। खुफिया एजेंसियों की संभावित संवेदनशीलता रिपोर्ट को देखते हुए होली और रमजान के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी स्तर से सभी जिलों को गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल मजबूत करने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कई शहरों में एहतियातन अलर्ट जारी है, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और किसी भी भड़काऊ गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश हैं। राज्य सरकार ने दोहराया है कि इजराइल में मौजूद यूपी के श्रमिक सुरक्षित हैं, घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि हालात बिगड़ते हैं तो केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री की ओर से संदेश साफ है प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट/भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। परिजन हेल्पलाइन, जिला प्रशासन और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। किसी संदिग्ध संदेश, वीडियो या पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। UP News