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उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विरासत को और अधिक सम्मानजनक स्वरूप देने की दिशा में सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उनकी मूर्तियों के ऊपर छत्र लगाया जाएगा।

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UP News : उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विरासत को और अधिक सम्मानजनक स्वरूप देने की दिशा में सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उनकी मूर्तियों के ऊपर छत्र लगाया जाएगा। इसके साथ ही आंबेडकर पार्कों और उनसे जुड़े सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, ताकि इन स्थानों को गरिमा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित पहचान मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उन प्रतिमाओं के ऊपर छत्र लगाए जाएंगे। इसके साथ ही जिन पार्कों या सार्वजनिक स्थलों पर उनकी मूर्तियां मौजूद हैं, वहां चारदीवारी का निर्माण, साफ-सफाई और पूरे परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब से जुड़े हर स्थल को सम्मान और व्यवस्थित पहचान मिल सके। सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल डॉ. आंबेडकर तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं और उनसे जुड़े स्थलों के आसपास भी सुंदरीकरण का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इस घोषणा को सामाजिक समरसता और प्रतीकों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जयंती को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने की तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 अप्रैल को जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश के हर बूथ स्तर पर स्थित आंबेडकर प्रतिमाओं और पार्कों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ता खुद इन स्थलों पर पहुंचेंगे और सफाई व्यवस्था संभालेंगे। इस कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में जनसहभागिता वाले अभियान के तौर पर पेश किया जा रहा है। पार्टी चाहती है कि बाबा साहेब के सम्मान का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इस अभियान में स्थानीय स्तर पर भी भागीदारी बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जयंती पर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों, कस्बों और गांवों में उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। भाजपा कार्यकर्ता संगठित तरीके से इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे और बाबा साहेब के विचारों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं से यह भी कहा गया है कि वे इस अभियान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करें। इसका उद्देश्य साफ है कि उत्तर प्रदेश में चल रहे इस कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से भी व्यापक पहचान मिले और युवा पीढ़ी तक इसका संदेश पहुंचे।
भाजपा स्थापना दिवस से लेकर 14 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में पदयात्राओं का भी कार्यक्रम चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मौसम को देखते हुए सुबह या शाम के समय एक से दो किलोमीटर की पदयात्रा निकालें। इस दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कामों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जैसे गंदगी से बीमारी फैलती है, उसी तरह राजनीतिक प्रदूषण भी समाज और व्यवस्था को प्रभावित करता है। उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति में विपक्ष पर अप्रत्यक्ष हमला भी माना जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता के बीच जाकर भ्रम और दुष्प्रचार का जवाब दें।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश में महापुरुषों की विरासत का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरासत केवल अतीत की धरोहर नहीं होती, बल्कि वह समाज को दिशा देने वाली शक्ति भी होती है। इसीलिए सरकार ऐसे प्रतीकों के संरक्षण को गंभीरता से ले रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई संगठन बड़ा होता है तो उसके सामने चुनौतियां भी बढ़ती हैं। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रहित में संघर्ष करने वालों की विरासत को आगे बढ़ाना जरूरी है। उनके मुताबिक, भारत और उत्तर प्रदेश की प्रगति से असहज ताकतें दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने की कोशिश कर सकती हैं, लेकिन कार्यकर्ता घर-घर जाकर उनका जवाब देंगे। UP News
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