उत्तर प्रदेश के बदायूं में चर्चित डबल मर्डर कांड के बाद अब प्रशासनिक सख्ती खुलकर नजर आने लगी है। एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बदायूं में चर्चित डबल मर्डर कांड के बाद अब प्रशासनिक सख्ती खुलकर नजर आने लगी है। एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया है। आरोपी से जुड़ी छह अवैध दुकानों को जमींदोज कर दिया गया, जिनके बारे में जांच में सामने आया कि वे सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई थीं। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में जघन्य अपराध के आरोपियों के खिलाफ अब केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों पर भी सीधा प्रहार किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के बदायूं में यह कार्रवाई दातागंज तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने की। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि आरोपी अजय प्रताप सिंह ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर पक्की दुकानें बनवा ली थीं। इसी आधार पर परिजनों को पहले नोटिस जारी किया गया और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह कार्रवाई अमल में लाई गई। एसडीएम दातागंज के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और पीडब्ल्यूडी की टीम भारी मशीनरी के साथ सैजनी गांव पहुंची और एक-एक कर अवैध दुकानों को गिरा दिया। उत्तर प्रदेश में अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई की यह एक और बड़ी मिसाल मानी जा रही है।
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी तरह का तनाव न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। पीएसी और कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। गांव के प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई और आरोपी के घर के आसपास आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। कार्रवाई के समय पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में दिखाई दिया। ग्रामीण दूर से इस कार्रवाई को देखते रहे। प्रशासन का साफ संदेश था कि उत्तर प्रदेश में गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध संपत्तियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में हुई सनसनीखेज वारदात से जुड़ा है। आरोप है कि अजय प्रताप सिंह प्लांट परिसर में घुसा और वहां तैनात डीजीएम सुधीर गुप्ता तथा डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा को गोली मार दी। इस दोहरे हत्याकांड से न सिर्फ बदायूं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई थी। दो अधिकारियों की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद शासन स्तर पर भी कड़ा संज्ञान लिया गया। मामले के बाद जिले में पुलिस व्यवस्था पर भी कार्रवाई हुई और कई अधिकारियों को हटाया गया। मुख्य आरोपी को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व विभाग की पैमाइश में आरोपी से जुड़ी दुकानें पूरी तरह अवैध पाई गईं। यही वजह रही कि उत्तर प्रदेश प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुलडोजर एक्शन को अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की अन्य संपत्तियों, आर्थिक स्रोतों और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। UP News