उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में जनहित, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है।

योगी सरकार ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और छात्रों को दी बड़ी सौगात
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में जनहित, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इस बैठक के फैसलों को प्रदेश सरकार की बड़ी नीतिगत पहल माना जा रहा है, क्योंकि इनका सीधा असर लाखों छात्रों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विस्थापित परिवारों और निवेशकों पर पड़ेगा। खास बात यह रही कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक तरफ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों को आर्थिक राहत दी, तो दूसरी तरफ युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में भी बड़ा कदम बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम फैसलों में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी का निर्णय शामिल रहा। लंबे समय से बेहतर मानदेय की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। सरकार ने उनका मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने को मंजूरी दी है। वहीं अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, जो शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन कर्मियों की आय पर निर्भर हैं। माना जा रहा है कि इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि कार्य के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के युवाओं और छात्रों के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया। ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत वर्ष 2026-27 में 40 लाख छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा करीब डेढ़ लाख मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की तैयारी को भी मंजूरी दे दी गई है।
सरकार ने इसके लिए खरीद प्रक्रिया और सेवा शर्तों को भी अंतिम रूप दे दिया है। उत्तर प्रदेश में इस योजना को डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे छात्रों को पढ़ाई, ऑनलाइन संसाधनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण मानवीय फैसला लेते हुए विभाजन के समय भारत आए विस्थापित परिवारों और नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी CAA के तहत पात्र लोगों को राहत देने का निर्णय भी लिया है। सरकार ने ऐसे परिवारों को उनकी कब्जे वाली भूमि पर भूमिधर अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश रेवेन्यू कोड 2006 की धारा 80 में संशोधन के लिए अध्यादेश 2026 को भी स्वीकृति दी गई है। इस फैसले को लंबे समय से लंबित एक बड़े मुद्दे के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई अहम फैसले किए हैं। हाथरस के सिकंद्राराऊ, बुलंदशहर के नरौरा और बलरामपुर के तुलसीपुर में नए बस स्टेशन और डिपो विकसित किए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन परिवहन निगम को नि:शुल्क हस्तांतरित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा रोडवेज बस अड्डों के दूसरे चरण के विकास के लिए पीपीपी मॉडल के तहत बिडिंग प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। माना जा रहा है कि इससे उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं और बेहतर होंगी।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के दो महत्वपूर्ण पुल निर्माण प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी है। कन्नौज में गंगा नदी पर च्यवन ऋषि आश्रम के पास और कुशीनगर में नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर लंबे पुल के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन पुलों के बनने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बीच संपर्क बेहतर होगा, यात्रा आसान बनेगी और स्थानीय व्यापार तथा आवागमन को भी गति मिलेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत बड़े निवेशकों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा तथा नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। UP News