इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मौजूद रहने की बात कही गई है। इसके बाद करीब 3 बजे अमित शाह भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचेंगे। यहां उनका स्वागत नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी करेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा संगठन में बदलाव की अटकलों के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज एकदिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रदेश की राजनीति में अगले बड़े फैसले को लेकर हलचल अपने चरम पर है। पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले शाह की मौजूदगी को सरकार-संगठन के बीच तालमेल और आगे की राजनीतिक दिशा तय करने वाला अहम संकेत माना जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ रवाना होंगे, जहां यूपी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर उद्घाटन/शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मौजूद रहने की बात कही गई है। इसके बाद करीब 3 बजे अमित शाह भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचेंगे। यहां उनका स्वागत नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी करेंगे।
पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह का यह पहला लखनऊ दौरा माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मुलाकात के जरिए उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और धार दी जा सकती है। साथ ही आगामी चुनौतियों के मद्देनज़र पार्टी की ग्राउंड-तैयारियों की समीक्षा और आगे की दिशा तय करने पर भी फोकस रहेगा। प्रदेश कार्यालय में शाह चुनिंदा वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक करेंगे, जिसमें संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा और मिशन 2027 की रणनीति पर विस्तार से मंथन होने की संभावना है।
अमित शाह के दौरे का सबसे अहम पड़ाव पार्टी के चुनिंदा नेताओं से होने वाली बातचीत मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक शाह उत्तर प्रदेश की मौजूदा सियासी जमीन का फीडबैक लेंगे और संगठन–सरकार के बीच बेहतर तालमेल के जरिए आने वाले फैसलों को रफ्तार दे सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह भी संभावना जताई जा रही है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शीर्ष संगठन पदाधिकारियों के साथ संभावित नामों और क्षेत्रीय–सामाजिक संतुलन पर भी विचार कर सकते हैं। वहीं विपक्ष के जातीय जनगणना समेत अन्य मुद्दों पर भाजपा की जवाबी रणनीति को लेकर भी मंथन होने के संकेत हैं।
शाम को अमित शाह लखनऊ से दिल्ली लौटेंगे। माना जा रहा है कि इस छोटे से प्रवास में वे संगठन को स्पष्ट संदेश देकर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और अंदरूनी असंतोष जैसी चर्चाओं पर भी मैनेजमेंट मोड में नजर आ सकते हैं। UP News