योगी सरकार की दूरदर्शी पहल से उत्तर प्रदेश के युवा बनेंगे ग्लोबल स्किल्स चैंपियन
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा युवाओं के कौशल को पहचान और प्रोत्साहन देने हेतु एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा युवाओं के कौशल को पहचान और प्रोत्साहन देने हेतु एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा इंडिया स्किल्स कॉम्पीटिशन 2025-26 के अंतर्गत राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान समारोह कौशल विकास मिशन मुख्यालय, लखनऊ में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम एवं मिशन निदेशक पुलकित खरे ने 20 विभिन्न स्किल ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 40 विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। प्रत्येक ट्रेड से चयनित दो विजेताओं ने अपनी मेहनत, तकनीकी दक्षता और प्रतिबद्धता से प्रदेश को गौरवान्वित किया।
नॉर्थ रीजनल स्किल कॉम्पीटिशन के लिए विशेष प्रशिक्षण
इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए उनके प्रशिक्षण अनुभव, प्रतियोगिता की यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर देती हैं। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने जानकारी दी कि चयनित सभी विजेता 4 एवं 5 फरवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित होने वाले विशेष बूट कैंप में प्रतिभाग करेंगे, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा उन्हें नॉर्थ रीजनल स्किल कॉम्पीटिशन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कौशल विकास के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया
अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने कहा कि कौशल विकास युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है और मिशन गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता प्रत्येक दो वर्षों में आयोजित होती है। वर्ष 2024 में जहाँ प्रदेश से 7,472 युवाओं ने पंजीकरण कराया था, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 1,09,249 हो गई है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पंजीकरण वाला राज्य बन गया है। इसके साथ ही प्रदेश ने इस वर्ष 20 विभिन्न स्किल्स में सहभागिता कर कौशल विकास के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
सोशल मीडिया सेल का शुभारंभ किया गया
पहले जहाँ प्रतियोगिता एक ही केंद्र पर आयोजित होती थी, वहीं इस बार लखनऊ के 11 अलग-अलग केंद्रों पर 1,270 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की, जो प्रदेश में कौशल आंदोलन के व्यापक विस्तार को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान मिशन की गतिविधियों को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया सेल का शुभारंभ किया गया। साथ ही गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने हेतु समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण भी किया गया। इस अवसर पर आईटीओटी के निदेशक डी.के. सिंह, निसबड नोएडा की डायरेक्टर शिवानी डे, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह, डॉ. पवित्रा टंडन, डीडीयू-जीकेवाई के सीओओ आशीष कुमार सहित मिशन के अधिकारी, कर्मचारी एवं विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा युवाओं के कौशल को पहचान और प्रोत्साहन देने हेतु एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा इंडिया स्किल्स कॉम्पीटिशन 2025-26 के अंतर्गत राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान समारोह कौशल विकास मिशन मुख्यालय, लखनऊ में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम एवं मिशन निदेशक पुलकित खरे ने 20 विभिन्न स्किल ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 40 विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। प्रत्येक ट्रेड से चयनित दो विजेताओं ने अपनी मेहनत, तकनीकी दक्षता और प्रतिबद्धता से प्रदेश को गौरवान्वित किया।
नॉर्थ रीजनल स्किल कॉम्पीटिशन के लिए विशेष प्रशिक्षण
इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए उनके प्रशिक्षण अनुभव, प्रतियोगिता की यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर देती हैं। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने जानकारी दी कि चयनित सभी विजेता 4 एवं 5 फरवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित होने वाले विशेष बूट कैंप में प्रतिभाग करेंगे, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा उन्हें नॉर्थ रीजनल स्किल कॉम्पीटिशन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कौशल विकास के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया
अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने कहा कि कौशल विकास युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है और मिशन गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता प्रत्येक दो वर्षों में आयोजित होती है। वर्ष 2024 में जहाँ प्रदेश से 7,472 युवाओं ने पंजीकरण कराया था, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 1,09,249 हो गई है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पंजीकरण वाला राज्य बन गया है। इसके साथ ही प्रदेश ने इस वर्ष 20 विभिन्न स्किल्स में सहभागिता कर कौशल विकास के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
सोशल मीडिया सेल का शुभारंभ किया गया
पहले जहाँ प्रतियोगिता एक ही केंद्र पर आयोजित होती थी, वहीं इस बार लखनऊ के 11 अलग-अलग केंद्रों पर 1,270 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की, जो प्रदेश में कौशल आंदोलन के व्यापक विस्तार को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान मिशन की गतिविधियों को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया सेल का शुभारंभ किया गया। साथ ही गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने हेतु समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण भी किया गया। इस अवसर पर आईटीओटी के निदेशक डी.के. सिंह, निसबड नोएडा की डायरेक्टर शिवानी डे, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह, डॉ. पवित्रा टंडन, डीडीयू-जीकेवाई के सीओओ आशीष कुमार सहित मिशन के अधिकारी, कर्मचारी एवं विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।












