उत्तर प्रदेश की इस भ्रष्ट महिला अधिकारी को हाईकोर्ट से झटका, नहीं मिली राहत

उत्तर प्रदेश से जुड़े चर्चित भ्रष्टाचार मामले में CGST विभाग की आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी जमानत याचिका खारिज को कर दिया है।

प्रभा भंडारी
प्रभा भंडारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 10:46 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश से जुड़े चर्चित भ्रष्टाचार मामले में CGST विभाग की आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी जमानत याचिका खारिज को कर दिया है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए साफ संकेत दिया कि केस में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इतने गंभीर हैं कि इस स्तर पर किसी तरह की राहत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथमदृष्टया आरोपी अधिकारी की भूमिका को गंभीर बनाती है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जब कोई लोकसेवक अपने पद का कथित दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा हो, तब केवल सहानुभूति या निजी परिस्थितियों के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।

व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग बनी सबसे अहम कड़ी

इस मामले में जमानत खारिज होने का सबसे बड़ा कारण वह डिजिटल साक्ष्य बना, जिसे जांच एजेंसी सीबीआई ने अदालत के सामने रखा। अदालत ने अपने आदेश में विशेष रूप से उस व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर प्रभा भंडारी अपने अधीनस्थ अधिकारी को रिश्वत की रकम “सोने में बदलने” का निर्देश देती सुनाई देती हैं। अदालत ने माना कि इस रिकॉर्डिंग से पूरे प्रकरण में उनकी संभावित संलिप्तता का स्पष्ट संकेत मिलता है। यही वजह रही कि कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के रहते जमानत देने का कोई मजबूत आधार नहीं बनता। उत्तर प्रदेश से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में डिजिटल सबूतों ने जांच की दिशा ही बदल दी।

उत्तर प्रदेश के झांसी से जुड़ा है पूरा मामला

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी में प्रभा भंडारी की तैनाती के दौरान सामने आया। आरोप है कि जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले को दबाने और संबंधित व्यापारियों को राहत देने के बदले करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई की जांच में दावा किया गया कि इस कथित सौदेबाजी में विभागीय स्तर पर मिलीभगत थी। जांच एजेंसी ने जाल बिछाकर सह-आरोपी अधीक्षक अजय शर्मा के पास से 70 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। एजेंसी का कहना है कि शुरुआती जांच और जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि पूरी साजिश का संचालन वरिष्ठ स्तर से किया जा रहा था।

बचाव के तर्कों पर भारी पड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

प्रभा भंडारी की ओर से अदालत में कई आधारों पर जमानत की मांग की गई। बचाव पक्ष ने कहा कि उनके पास से सीधे कोई नकदी बरामद नहीं हुई है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि वह गर्भवती हैं, उनका एक छोटा बच्चा है और मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, इसलिए उन्हें जेल में बनाए रखने की जरूरत नहीं है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामला केवल सह-आरोपी के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की एक मजबूत श्रृंखला मौजूद है, जो आरोपों को गंभीर बनाती है। कोर्ट ने भी माना कि जब आरोप पद के दुरुपयोग, रिश्वतखोरी और कथित तौर पर अवैध धन को सोने में बदलने जैसे निर्देशों से जुड़े हों, तब मामला सामान्य नहीं माना जा सकता। UP News

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उत्तर प्रदेश के ताजा समाचार

उत्तर प्रदेश में इन दिनों विकास परियोजनाओं, राजनीतिक हलचल और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है, जिसे प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 10:06 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में इन दिनों विकास परियोजनाओं, राजनीतिक हलचल और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है, जिसे प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही राज्य के अन्य प्रमुख मुद्दे भी चर्चा में हैं।

28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन

गौतमबुद्ध नगर जिले में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। यह एयरपोर्ट न सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का नया द्वार खोलेगा। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

विकास परियोजनाओं में तेजी

राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार फोकस कर रही है। एक्सप्रेस-वे, मेट्रो विस्तार और औद्योगिक कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश जल्द ही देश की ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी में बड़ा योगदान देने वाला राज्य बनेगा।

राजनीतिक माहौल गरम

लोकसभा चुनाव 2026 से पहले प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सभी अपने-अपने स्तर पर जनसभाएं और संगठन मजबूत करने में जुटी हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर बेरोजगारी और महंगाई को लेकर हमला कर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि बता रहा है।

कानून-व्यवस्था पर सख्ती

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रिय है। कई जिलों में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि अपराध पर नियंत्रण के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में पहल

राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन और स्मार्ट क्लास जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं।

किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और अन्य योजनाओं को लेकर सरकार सक्रिय है। वहीं युवाओं के लिए रोजगार मेले, स्टार्टअप नीति और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को बढ़ावा दिया जा रहा है। UP News

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कानपुर में खाकी का कहर, पिटाई से युवक के कान का पर्दा फटा

उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्तिथ शास्त्री नगर इलाके में घरेलू विवाद की शिकायत पर चौकी लाई गई एक युवक की कथित पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि उसका कान का पर्दा फट गया।

कानपुर पिटाई कांड
कानपुर पिटाई कांड
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 09:56 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्तिथ शास्त्री नगर इलाके में घरेलू विवाद की शिकायत पर चौकी लाई गई एक युवक की कथित पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि उसका कान का पर्दा फट गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आरोपी चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पूरे प्रकरण में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में घरेलू विवाद ने लिया गंभीर मोड़

जानकारी के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र का है। यहां एक परिवार के भीतर चल रहे घरेलू तनाव ने उस समय बड़ा रूप ले लिया, जब शिकायत चौकी तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि परिवार में रहने की व्यवस्था को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद के बाद पत्नी ने पुलिस से शिकायत की थी। परिवार की बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह अपने छोटे बेटे के साथ रहती हैं, जबकि बड़ा बेटा दूसरे शहर में नौकरी करता है। अस्वस्थता के कारण छोटा बेटा अक्सर मां के कमरे में ही सो जाता था। इसी बात को लेकर बहू और बेटे के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बाद में यह मामला पुलिस तक पहुंच गया।

चौकी बुलाकर पीटने का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मंगलवार को पुलिसकर्मी घर पहुंचे थे, लेकिन उस समय युवक घर पर नहीं मिला। शाम को उसके लौटने पर उसे चौकी बुलाया गया। आरोप है कि चौकी पहुंचने के बाद चौकी प्रभारी पवन मिश्रा ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर युवक की बुरी तरह पिटाई की। परिजनों का दावा है कि युवक को इतनी निर्दयता से मारा गया कि उसकी पीठ और कमर पर गहरे चोट के निशान उभर आए। सबसे गंभीर बात यह रही कि मारपीट के दौरान उसके कान पर ऐसी चोट लगी, जिससे उसका कान का पर्दा फट गया। इसके बाद उसे सुनने में दिक्कत होने लगी। जब युवक की मां चौकी पहुंचीं तो बेटे की हालत देखकर वह घबरा गईं। इसके बाद वह उसे तत्काल डॉक्टर के पास लेकर गईं। मेडिकल जांच में सामने आया कि युवक के एक कान का पर्दा फट चुका है। इस रिपोर्ट के बाद मामला और गंभीर हो गया।

कानपुर पुलिसकर्मी पर गिरी गाज

मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसीपी स्वरूप नगर शिखर ने दोनों पक्षों से पूछताछ की। पीड़ित पति-पत्नी के बयान के साथ चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी जानकारी ली गई। शुरुआती जांच में चौकी प्रभारी पवन मिश्रा की भूमिका संदिग्ध ही नहीं, बल्कि दोषपूर्ण पाई गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। UP News