दिल्ली-नोएडा-जेवर कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव : नया एलिवेटेड रोड देगा जाम से राहत

दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने एक ऐसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जो आने वाले समय में ट्रैफिक की तस्वीर बदल सकता है।

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नया एलिवेटेड रोड
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 05:35 PM
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UP News : दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने एक ऐसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जो आने वाले समय में ट्रैफिक की तस्वीर बदल सकता है। इस योजना के तहत नया एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो मौजूदा सड़कों के साथ मिलकर एक सुगम और बिना रुकावट वाला नेटवर्क तैयार करेगा।

कहां बनेगा नया एलिवेटेड रोड?

प्रस्तावित योजना के मुताबिक यह एलिवेटेड रोड महामाया फ्लाईओवर से शुरू होकर सेक्टर-94 तक जाएगा। इसकी खासियत यह है कि इसे पहले से बन रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे एक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे पर उतरने या बार-बार सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कालिंदी कुंज और महामाया के बीच ट्रैफिक दबाव कम होगा। सफर का समय लगभग 15-20 मिनट तक घट सकता है। दिल्ली से नोएडा का आवागमन ज्यादा आसान होगा साथ ही दिल्ली से नोएडा तक रोजाना आने-जाने वालों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित होगा।

सेक्टर-38 के पास बनेगा खास रैंप

योजना में सेक्टर-38 के सामने एक आधुनिक रैंप बनाने का भी प्रस्ताव है। यह रैंप सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरते हुए सेक्टर-94 को जोड़ेगा। इससे वाहन बिना मुख्य एक्सप्रेसवे पर उतरे सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। प्रोजेक्ट का दायरा सिर्फ एलिवेटेड रोड तक सीमित नहीं है। सेक्टर-94 से सेक्टर-150 तक यमुना किनारे 6-लेन एक्सप्रेसवे बनाने की भी योजना है। इससे

सेक्टर 125, 126 और 127 जैसे आईटी हब को सीधा फायदा। छात्रों और कर्मचारियों का सफर आसान भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों पर दबाव कम होगा।

जेवर एयरपोर्ट के लिए बनेगा सुपरफास्ट कनेक्शन

इस पूरी योजना का सबसे बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगा। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी, ऐसे में यह नया रोड नेटवर्क दिल्ली से जेवर तक सफर को तेज और सुगम बनाएगा। प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। तकनीकी जांच के लिए इसे आईआईटी भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य जमीन पर उतर जाएगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अगर योजना समय पर पूरी होती है, तो दिल्ली-नोएडा-जेवर के बीच यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।


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ट्रैफिक अलर्ट : 27 मार्च तक लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद

अयोध्या में लगने वाले भव्य मेले को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने और जाम से बचाने के लिए लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 27 मार्च तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग पर 27 मार्च तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 04:05 PM
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UP News : चैत्र रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में लगने वाले भव्य मेले को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने और जाम से बचाने के लिए लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 27 मार्च तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

किन वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध?

इस दौरान ट्रक, डीसीएम व अन्य सभी भारी मालवाहक वाहन को हाईवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश 27 मार्च की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने जरूरी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है जिनमें एम्बुलेंस

, फायर ब्रिगेड, स्कूल बसें, शव वाहन मुख्य हैं।

किन रास्तों से होगा डायवर्जन?

यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। सीतापुर रोड से आने वाले वाहन किसान पथ अंडरपास होते हुए सुल्तानपुर रोड और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर मोड़े जाएंगे। हरदोई रोड से आने वाले वाहन बाजपुर अंडरपास के जरिए डायवर्ट होंगे। आगरा एक्सप्रेस-वे से आने वाले ट्रक खुशहालगंज अंडरपास से वैकल्पिक मार्ग पर भेजे जाएंगे। कानपुर रोड से आने वाले वाहन मोहनलालगंज, बछरावां और हैदरगढ़ होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर जाएंगे।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी जरूर ले लें। किसी भी आपात स्थिति या ट्रैफिक अपडेट के लिए कंट्रोल रूम नंबर 9454405155 जारी किया गया है। मेले के समापन के बाद 27 मार्च की रात 12 बजे के बाद, यानी 28 मार्च से हाईवे पर यातायात फिर से सामान्य कर दिया जाएगा और सभी वाहन अपने नियमित रूट पर चल सकेंगे। रामनवमी मेले के दौरान यह ट्रैफिक प्लान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए लागू किया गया है। ऐसे में सफर से पहले रूट की जानकारी लेना बेहद जरूरी है, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।


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बरेली में बड़ा हादसा : नोएडा की तरह खुले नाले में गिरा युवक, 18 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं

बरेली से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की लापरवाही ने एक युवक की जान पर खतरा खड़ा कर दिया। सैटेलाइट बस स्टैंड के पास एक युवक खुले नाले में गिर गया और 18 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है।

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खुले नाले और लापरवाही मिलकर लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 03:01 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की लापरवाही ने एक युवक की जान पर खतरा खड़ा कर दिया। सैटेलाइट बस स्टैंड के पास एक युवक खुले नाले में गिर गया और 18 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। यह घटना कुछ दिनों पहले नोएडा में हुए हादसे की याद ताजा कर रही है। ठीक वैसा ही हादसा यहां देखने को मिला।

देर रात हुआ हादसा, इलाके में मचा हड़कंप

बताया जा रहा है कि यह घटना देर रात की है, जब युवक अचानक खुले पड़े नाले में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, नगर निगम और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नाले के अंदर जवानों को उतारा गया। जेसीबी मशीनों से नाले को तोड़ा जा रहा है साथ ही पानी निकालने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं। इसके बावजूद अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

कहां फंसा युवक, बना रहस्य

रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि युवक नाले के किस हिस्से में फंसा है, इसका कोई स्पष्ट अंदाजा नहीं लग पा रहा।

नाला काफी लंबा और अंदर से जटिल संरचना वाला बताया जा रहा है, जिससे सर्च आॅपरेशन में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले को सही तरीके से ढका नहीं गया था। सफाई के दौरान स्लैब हटाए गए थे, बाद में उन्हें ठीक से लगाया नहीं गया जिसके कारण कई दिनों से वहां गैप मौजूद था। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते नाले को बंद किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।

घटना ने नोएडा में हुए पुराने हादसे की याद ताजा कर दी 

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता युवक को सुरक्षित बाहर निकालने की है। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। इस घटना ने नोएडा में हुए पुराने हादसे की याद ताजा कर दी है, जहां लापरवाही के चलते एक युवक की जान चली गई थी। बरेली की यह घटना फिर से शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक का संकेत है। खुले नाले, अधूरी सुरक्षा और लापरवाही मिलकर लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं। जब तक जिम्मेदार एजेंसियां सख्ती से काम नहीं करेंगी, ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।


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