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प्रदेश को आखिरकार चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश का स्थायी डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश को आखिरकार चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश का स्थायी डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया है। अब तक कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे राजीव कृष्ण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद आधिकारिक तौर पर प्रदेश पुलिस का मुखिया बना दिया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही उत्तर प्रदेश में पिछले चार वर्षों से चली आ रही स्थायी डीजीपी की प्रतीक्षा समाप्त हो गई है। माना जा रहा है कि राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधारों को नई गति देने के उद्देश्य से यह फैसला अहम माना जा रहा है।
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स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल भेजा था। इस पैनल में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेनुका मिश्रा, 1991 बैच के अधिकारी पियूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। सरकारी स्तर पर विचार-विमर्श और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद राजीव कृष्ण के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। प्रशासनिक गलियारों में पहले से ही उन्हें इस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
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राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश कैडर के अनुभवी आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने तीन दशक से अधिक लंबे सेवा काल में उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और संवेदनशील क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। फील्ड पोस्टिंग के साथ-साथ उन्होंने पुलिस मुख्यालय और विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र के समन्वय और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनके अनुभव को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
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राजीव कृष्ण की नियुक्ति के बाद पुलिस विभाग में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अधिकारियों का मानना है कि स्थायी डीजीपी मिलने से विभागीय कार्यों में निरंतरता आएगी और प्रशासनिक निर्णयों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। चार साल बाद प्रदेश को स्थायी पुलिस प्रमुख मिलने को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि राजीव कृष्ण के नेतृत्व में प्रदेश की पुलिस व्यवस्था किस तरह नई चुनौतियों का सामना करती है और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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