उत्तर प्रदेश के गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क का होगा विस्तार, 20 लाख घरों तक नेट सुविधा

ग्रामीण इलाकों में तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। इस पहल को प्रोजेक्ट गंगा (यूपी डिजिटल कनेक्टिविटी इनीसिएटिव) नाम दिया गया है।

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योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Mar 2026 07:14 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। इस पहल को प्रोजेक्ट गंगा (यूपी डिजिटल कनेक्टिविटी इनीसिएटिव) नाम दिया गया है। इसके तहत राज्य के गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे आने वाले 2 से 3 वर्षों में लगभग 20 लाख घरों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे करीब एक करोड़ लोगों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के लिए बड़ी कंपनियों में हुआ समझौता

इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन और हिंदुजा गु्रप की सहयोगी कंपनी वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच समझौता हुआ है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल ढांचे को मजबूत करना और युवाओं को नई तकनीक से जोड़ना है। योजना के तहत पंचायत स्तर पर लगभग 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में तैयार किया जाएगा। इन युवाओं को इंटरनेट कनेक्शन, डिजिटल सेवाएं और अन्य आॅनलाइन सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने का काम दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन पदों में करीब 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की रखने की योजना है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सके।

सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता के लिए आर्थिक सहायता भी देगी

सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता के लिए आर्थिक सहायता भी देगी। इस योजना के अंतर्गत इच्छुक युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाएगा। इस सहायता से वे अपने क्षेत्र में इंटरनेट सेवा, डिजिटल सेंटर या अन्य आॅनलाइन सेवाएं शुरू कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से कई नए अवसर खुलेंगे। लोग आॅनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्यूब और अन्य डिजिटल माध्यमों से आय अर्जित करने के रास्ते भी बढ़ेंगे। कुल मिलाकर, इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाकर विकास की नई संभावनाएं पैदा करना और युवाओं को तकनीक के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।


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योगी सरकार शिक्षा को सुलभ, सस्ता और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में लखनऊ विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा शासनादेश के विपरीत फीस लिए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक की।

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प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Mar 2026 06:42 PM
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UP News : प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में लखनऊ विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा शासनादेश के विपरीत फीस लिए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालयों की शुल्क संरचना, परीक्षा शुल्क और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य विश्वविद्यालयों को निर्धारित शासनादेश के अनुसार ही परीक्षा शुल्क लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक परीक्षा शुल्क लिया जाता है तो उसकी आॅडिट कराई जा सकती है और आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रदेश सरकार शिक्षा को सुलभ, पारदर्शी व छात्रहितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध

मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सुलभ, सस्ता, पारदर्शी व छात्रहितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फीस में अनावश्यक वृद्धि से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है, इसलिए विश्वविद्यालयों को छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेने चाहिए। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य विश्वविद्यालयों में परीक्षा शुल्क की समानता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों हेतु प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके तहत बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएड, बीपीएड, बीजेएमसी, बीएफए और बीवोक जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 800 रुपये, एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर (आॅनर्स), बीटेक, बायोटेक जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 1000 रुपये तथा बीडीएस, नर्सिंग, बीएएमएस और बीयूएमएस जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 1500 रुपये प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क निर्धारित किया गया है। 

शासनादेशों का पालन सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य 

उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया कि वे शासनादेशों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने संसाधनों को मजबूत करने, नए पाठ्यक्रम शुरू करने और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास करने चाहिए, ताकि संस्थान आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति, परीक्षा संचालन से जुड़ी चुनौतियों और संभावित समाधानों पर भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार विश्वविद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं पर विचार करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है, लेकिन शासनादेशों का पालन सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य है। बैठक में एमएलसी उमेश द्विवेदी, अवनीश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव एम. पी. अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय प्रो. जय प्रकाश सैनी सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, खास महिलाओं को मिलेगा तोहफा

उत्तर प्रदेश सरकार ने इन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी वाली यूनिफॉर्म, बीमा तथा आर्युष्मान कार्ड का तोहफा देने का फैसला किया है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी में काम करने वाली महिलाओं का वेतन (मानदेय) बढ़ाने का भी वायदा किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Mar 2026 05:36 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के बड़े फैसले के द्वारा प्रदेश की खास महिलाओं को विशेष तोहफा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश की जिन महिलाओं को सरकार की तरफ से तोहफा दिया जाएगा वें महिलाएं उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बनकर समाज तथा प्रदेश का भला करने का काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी वाली यूनिफॉर्म, बीमा तथा आर्युष्मान कार्ड का तोहफा देने का फैसला किया है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी में काम करने वाली महिलाओं का वेतन (मानदेय) बढ़ाने का भी वायदा किया है।

महिला दिवस पर कार्यक्रम में की गई घोषणा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला दिवस के अवसर पर रविवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश आंगनबाड़ी में काम करने वाली महिलाओं के लिए प्रदेश सरकार के बड़े फैसले की घोषणा की गई। इस फैसले के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी वाली डे्रस, बीमा कवर तथा आर्युष्मान कार्ड प्रदान करेगी। कार्यक्रम में इस योजना की विधिवत शुरूआत भी कर दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी-यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.59 करोड़ रुपये की धनराशि स्थानांतरित की। उन्होंने मंच पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी, मनोरमा मिश्रा को साड़ी भेंट की तो सेवा मित्र आकांक्षा (ब्यूटीशियन) और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म सौंपी। इसके अलावा बीमा प्रीमियम की 8.90 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्थानांतरित की। 

प्रधानमंत्री की बीमा योजना से जोड़ा

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आगे बताया कि  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा। इसके तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं की मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये मिला है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 436 रुपये है। वहीं 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये तथा आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 20 रुपये है। इसके अलावा सीएम ने पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं गुडय़िा सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती को मंच पर बुलाकर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने की वार्ता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर की 600 से अधिक महिलाओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद भी किया। वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर और क्षेत्र की 250 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया। गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय में रसोइया हैं। चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोडक़र स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती हैं। जौनपुर की दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने वह ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य करती हैं। उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। UP News


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