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UP News: कब्रिस्तान के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर परिवार को 100 वर्ग मीटर का पट्टा आवंटित किया गया।

UP News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 1978 के सांप्रदायिक दंगों में विस्थापित रस्तोगी परिवार को लंबे इंतजार के बाद पुनर्वास मिला है। गुरुवार को शेर खां सराय इलाके में कब्रिस्तान के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर परिवार को 100 वर्ग मीटर का पट्टा आवंटित किया गया। इस मौके पर वैदिक रीति से हवन-पूजन और भूमि पूजन कर नए आशियाने की नींव रखी गई।
प्रदेश सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर, मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में यह कार्यक्रम हुआ। पट्टा सौंपने के बाद परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खुशी छा गई। मृतक राम सरन दास रस्तोगी की पुत्रवधू रुक्मिणी रस्तोगी और पौत्र कपिल रस्तोगी को आधिकारिक दस्तावेज सुपुर्द किए गए।
1978 के दंगे का भयावह इतिहास
24 नवंबर 1978 को संभल में हुए दंगों के दौरान दुकानदार राम सरन दास रस्तोगी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। दंगाइयों ने चाकू से 109 वार कर शव के टुकड़े किए, तराजू से बांधकर पास के कुएं में फेंक दिया। शव तीन दिन बाद मिला। धमकियों के चलते पूरा रस्तोगी परिवार संभल छोड़कर पलायन कर गया। दशकों तक कोई सरकार उनके पुनर्वास पर ध्यान नहीं दे सकी।2024 में संभल हिंसा के बाद इस पुराने मामले की चर्चा तेज हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों को संपत्ति और न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। इसके अनुपालन में प्रशासन ने अगस्त 2025 में इस सरकारी जमीन पर कब्रिस्तान का अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की। दस महीने बाद अब उसी जमीन पर पीड़ित परिवार को बसाया जा रहा है।
सरकार और प्रशासन का सख्त संदेश
मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार ने करीब एक साल पहले संपर्क किया था। पुरानी फाइलें निकालकर शासन को भेजी गईं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जो भी 1978 के दंगा पीड़ित संभल वापस बसना चाहते हैं, उन्हें पूरी मदद और जमीन दी जाएगी।मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि आज संभल को असली आजादी मिली है। किसी भी अराजक तत्व को सिर उठाने की कोशिश की तो उसके लिए परिणाम भुगतने पड़ेंगे।कपिल रस्तोगी ने भावुक होकर कहा, “48 साल तक किसी ने हमारी सुध नहीं ली। इंदिरा गांधी के समय सिर्फ आश्वासन मिले, लेकिन योगी सरकार में असली इंसाफ मिला।” परिवार ने पुराने दंगाइयों पर सख्त कार्रवाई और कुएं वाले चौराहे का राम सरन दास रस्तोगी के नाम पर सौंदर्यीकरण व नामकरण की मांग की है।यह कार्रवाई योगी सरकार की ‘न्याय और पुनर्वास’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जो दंगों के लंबित मामलों में पीड़ितों को उनके अधिकार दिलाने पर जोर देती है। संभल प्रशासन का यह कदम अन्य विस्थापित परिवारों के लिए भी उम्मीद जगाने वाला है।
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