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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए और योजनाबद्ध शहरी क्षेत्रों के विकास को मंजूरी दी गई है। इन शहरों के सुनियोजित विस्तार के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता भी स्वीकृत की है।

UP News : उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ती आबादी और मौजूदा शहरी ढांचे पर बढ़ते दबाव के बीच योगी सरकार ने राज्य के भविष्य के शहरी विकास की दिशा तय करने वाला अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए और योजनाबद्ध शहरी क्षेत्रों के विकास को मंजूरी दी गई है। इन शहरों के सुनियोजित विस्तार के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता भी स्वीकृत की है। UP News
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों पर आबादी का दबाव लगातार बढ़ा है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और व्यापारिक अवसरों की तलाश में बढ़ते पलायन ने शहरी ढांचे पर भारी दबाव डाला है। इसके परिणामस्वरूप ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित कॉलोनियां, आवास संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं गहराती जा रही हैं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केवल मौजूदा शहरों का विस्तार पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सुनियोजित तरीके से नए शहरी क्षेत्र विकसित करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। UP News
सरकार ने इन तीन शहरों का चयन उनके अलग-अलग लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान को देखते हुए किया है। आगरा अपनी वैश्विक पर्यटन पहचान और ताजमहल जैसे विश्व धरोहर के कारण अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र है, जबकि बरेली पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेजी से उभरते औद्योगिक और व्यापारिक हब के रूप में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। दूसरी ओर, प्रयागराज प्रशासनिक, शैक्षणिक और धार्मिक दृष्टि से राज्य के प्रमुख शहरों में गिना जाता है, जिसकी भूमिका महाकुंभ 2025 के बाद और अधिक महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। इन तीनों शहरों में आने वाले वर्षों में आर्थिक गतिविधियों, निवेश और शहरी विस्तार की रफ्तार तेज होने की संभावना है, जिससे ये नए विकास मॉडल के मजबूत आधार बन सकते हैं। UP News
अप्रैल 2023 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत भूमि अधिग्रहण लागत का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराती है, जो अधिकतम 20 वर्षों तक जारी रह सकता है। इससे विकास प्राधिकरणों पर वित्तीय बोझ कम होता है और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इस योजना के तहत 3500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। आगरा, बरेली और प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहरों के लिए कुल 355.06 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल स्वीकृत की गई है। विकास कार्यों को तत्काल गति देने के लिए 225 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू हो सकेंगे। UP News
बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मुआवजा नीति मंजूर - कैबिनेट ने जेलों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में उनके आश्रितों को मुआवजा देने की नई नीति को मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य मानवाधिकार संरक्षण को मजबूत करना और पीड़ित परिवारों को समय पर राहत सुनिश्चित करना है। UP News
अब तक यह प्रक्रिया राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों पर आधारित थी, जिससे अक्सर देरी होती थी। नई नीति से मुआवजा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी। UP News
विवादित भवन मानचित्रों का समाधान - सरकार ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पहले स्वीकृत भवन मानचित्रों के विनियमतीकरण को भी मंजूरी दी है। इससे उन हजारों लोगों को राहत मिलेगी, जिनके मानचित्र प्रशासनिक बदलाव के कारण विवाद में फंस गए थे। UP News
निर्माण नियमों के लिए नई SOP - जिन क्षेत्रों में अभी तक मास्टर प्लान तैयार नहीं है, वहां भवन निर्माण के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे निर्माण गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियंत्रित विकास पर रोक लगेगी। UP News
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