उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला यह है कि प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का मुआवजा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के उन किसानों को फसल का मुआवजा दिया जाएगा जिन किसानों की फसल बेमौसम बरसात के कारण बर्बाद हो गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला यह है कि प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का मुआवजा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के उन किसानों को फसल का मुआवजा दिया जाएगा जिन किसानों की फसल बेमौसम बरसात के कारण बर्बाद हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि बारिश के कारण बर्बाद हुई फसल का जमीनी सर्वेक्षण करके तुरन्त रिपोर्ट भेज दें।
मार्च 2026 के अंत में उत्तर प्रदेश के अनेक इलाकों में बेमौसम बारिश हुई है। इस बेमौसम बारिश के कारण किसानों की बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई है। खेतों में खड़ी हुई फसलों को अचानक आई आँधी तथा बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है उन सभी किसानों को फसल का उचित मुआवजा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वें तुरन्त सर्वे कराकर फसलों के नुकसान की रिपोर्ट शासन के पास भेज दें। उसी रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उनकी फसल का मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि रिपोर्ट केवल कागजी न हो, बल्कि जमीनी सच्चाई को दर्शाने वाली हो, ताकि राहत कार्य सही तरीके से संचालित किए जा सकें। सरकार ने फसल नुकसान के आकलन के लिए एक संयुक्त सर्वे कराने का फैसला लिया है। इसके तहत राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों की टीम मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही नुकसान का आंकलन पूरा होगा, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भुगतान में किसी भी तरह की देरी न हो और समयबद्ध तरीके से किसानों के खातों में पैसा पहुंचाया जाए। सरकार का कहना है कि किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खासतौर पर संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें अनावश्यक दौड़भाग न करनी पड़े। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे खुद फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें और यह सुनिश्चित करें कि राहत कार्य तेजी से और पारदर्शिता के साथ पूरे हों। सीएम ने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को भी निर्देश दिया गया है कि वे फील्ड अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें। सभी सूचनाओं का सही समय पर संकलन कर शासन तक पहुंचाया जाए, ताकि निर्णय लेने में देरी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रशासनिक मशीनरी एक टीम की तरह काम करे और किसानों को जल्द से जल्द राहत मिले। UP News