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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अंतिम पायदान तक पहुंचाने के लक्ष्य पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अंतिम पायदान तक पहुंचाने के लक्ष्य पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजनाएं अब लाखों परिवारों के लिए उम्मीद और भरोसे का मजबूत आधार बन चुकी हैं। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत एक जिले ने पूरे प्रदेश में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है, जहां 39,892 छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। UP News
प्रदेश स्तर पर दूसरे स्थान पर आजमगढ़ रहा, जहां 35,785 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इसके बाद गाजीपुर में 32,872, जौनपुर में 31,475 और कुशीनगर में 26,137 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत 8.88 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए हैं। इनमें 4.58 लाख से अधिक छात्राएं, 4.30 लाख से अधिक छात्र और 3 ट्रांसजेंडर विद्यार्थी भी शामिल हैं। छात्राओं की अधिक संख्या यह दर्शाती है कि प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास अब परिणाम देने लगे हैं। आपको बता दें कि यह योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू है। पात्र छात्रों को 150 रुपये प्रतिमाह (अधिकतम 10 माह) की दर से सहायता दी जाती है, साथ ही 750 रुपये वार्षिक अनुदान भी मिलता है। इस तरह प्रत्येक लाभार्थी छात्र को कुल मिलाकर 2,250 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। UP News
योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। छात्र-छात्राएं अब छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली (Scholarship Management System) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हुई है। वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह योजना पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की मजबूत नींव तैयार कर रही है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बाधित न हो और हर पात्र विद्यार्थी तक सहायता समय पर पहुंचे। UP News
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