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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फाफामऊ इलाके में स्थित एक निजी कोल्ड स्टोरेज में हुए दर्दनाक हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फाफामऊ इलाके में स्थित एक निजी कोल्ड स्टोरेज में हुए दर्दनाक हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को प्रयागराज पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव के निलंबन के निर्देश दे दिए। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को तत्काल संज्ञान में लिया। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह मंगलवार को सीधे फाफामऊ पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित कोल्ड स्टोरेज का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और यह समझने की कोशिश की कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी, जिसमें कई मजदूरों की जान चली गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के पीछे गैस रिसाव, तकनीकी खराबी या संरचनात्मक कमजोरी जैसे कारणों की आशंका जताई जा रही है। मंत्री ने साफ संकेत दिए कि यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी साबित हुई, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई तय है। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद उद्यान मंत्री प्रयागराज के बेली अस्पताल और स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने हादसे में घायल मजदूरों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार घायलों के उपचार में हर जरूरी मदद उपलब्ध कराएगी। पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है। प्रयागराज हादसे के बाद सबसे बड़ा प्रशासनिक एक्शन जिला उद्यान अधिकारी पर लिया गया है। मंत्री ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज इकाइयों के निरीक्षण, मानकों की निगरानी और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में उद्यान विभाग की अहम भूमिका होती है। यदि समय रहते नियमानुसार जांच और निगरानी की जाती, तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। इसी आधार पर जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को निलंबित करने का निर्णय लिया गया। उत्तर प्रदेश में यह संदेश देने की कोशिश भी साफ दिखी कि लापरवाही के मामलों में अब केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होगी।
मीडिया से बातचीत में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि निलंबन फिलहाल शुरुआती कार्रवाई है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन, मालिकाना पक्ष और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी। यदि किसी की जवाबदेही तय होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। UP News
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