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उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले के बाद प्रदेश में वह गंदा धंधा नहीं चल पाएगा जिसके कारण बड़ी संख्या में नागरिकों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार का ताजा बड़ा फैसला तुरन्त प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले के बाद प्रदेश में वह गंदा धंधा नहीं चल पाएगा जिसके कारण बड़ी संख्या में नागरिकों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार का ताजा बड़ा फैसला तुरन्त प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बड़ा फैसला प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्रिकांड को ध्यान में रखते हुए किया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला प्रदेश के बड़े गंदे धंधे को बंद करने की दिशा में ठोस कदम बताया जा रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश में चल रहे गंदे धंधे की बात करें तो यह गंदा धंधा वह धंधा जिसमें इंसानी जिंदगी की परवाह नहीं की जाती। इंसानी जिंदगी की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में धंधा करने वाले लोग अपनी इमारतों के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंगहोम तथा जिम चलाते हैं। बेसमेंट में चलाए जाने वाले इस प्रकार के कारोबार में सुरक्षा इंतजामों को जरा भी ध्यान नहीं रखा जाता। इसी कारण बेसमेंट में आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं में अनेक लोगों की जान चली जाती है। इस गंदे धंधे को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। UP News
आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए राज्यभर में बेसमेंट के उपयोग को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब किसी भी भवन के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, शैक्षणिक गतिविधियां या किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं की जा सकेगी। सरकार ने सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं। लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिसके बाद सरकार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। UP News
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार अब किसी भी इमारत के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इसके साथ ही बेसमेंट में दुकान, कार्यालय, गोदाम या अन्य किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार का मानना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में बेसमेंट से सुरक्षित निकासी कठिन होती है, जिससे जनहानि का खतरा बढ़ जाता है। UP News
सरकार ने नगर विकास विभाग, विकास प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों, फायर विभाग तथा जिला प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसी इमारतों की पहचान करने को कहा गया है जहां बेसमेंट में नियमों के विपरीत गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जांच के दौरान अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया जाएगा। UP News
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भवन में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो केवल संचालक ही नहीं बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को सील करने, लाइसेंस निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। UP News
लखनऊ हादसे के बाद प्रदेश के कई शहरों में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। गाजियाबाद में अनेक कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच अभियान चलाया गया तथा कई भवनों को सील किया गया। वहीं वाराणसी में भी कई बड़े कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। UP News
राज्य सरकार अब सार्वजनिक भवनों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की तैयारी में है। सरकार का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। UP News
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लोगों की जान से बढ़कर कुछ नहीं है। प्रदेश में कहीं भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का यह निर्णय न केवल कोचिंग संस्थानों बल्कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा नियमों का पालन अब अनिवार्य होगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। UP News
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